अगले साल अंतरिक्ष और समुद्र में बड़ी सफलताएं हासिल करेगा भारत: सिंह

Jan 02, 2026 07:21 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

भारत अगले साल गगनयान और समुद्रयान का प्रक्षेपण करेगा। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने बताया कि ये दोनों परियोजनाएँ मानव अंतरिक्ष उड़ान और गहरे समुद्र की खोज में भारत की उपलब्धियों को दर्शाएँगी। इसके अलावा, वैज्ञानिकों के लिए वैभव योजना का लाभ भी मिल रहा है, जिसमें 55 वैज्ञानिकों ने आवेदन किया है।

अगले साल अंतरिक्ष और समुद्र में बड़ी सफलताएं हासिल करेगा भारत: सिंह

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत अगले साल अंतरिक्ष में गगनयान और समुद्र के भीतर समुद्रयान का प्रक्षेपण कर कीर्तिमान स्थापित करेगा। शुक्रवार को विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों का ब्यौरा मीडिया को देते हुए उन्होंने यह बात कही। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र ने डीप ओशन मिशन और गगनयान जैसी प्रमुख परियोजनाओं पर जोर देते हुए कहा कि भारत मानव अंतरिक्ष उड़ान और गहरे समुद्र की खोज दोनों के लिए एक साथ तैयारी कर रहा। अगले साल जहां एक भारतीय यात्री बाहरी अंतरिक्ष में जाएगा। वहीं छह किलोमीटर गहरे समुद्र में भी एक मानवयुक्त यान भेजा जाएगा।

यह भारत के लिए दोहरी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि भारत की रिफार्म एक्सप्रेस यात्रा विज्ञान, प्रौद्यौगिकी और नवाचार द्वारा संचालित हो रही है। अगले दो दशकों में देश का विकास अंतरिक्ष, महासागर, जैव प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे नवाचार-संचालित क्षेत्रों द्वारा निर्देशित होगा। डॉ.सिंह ने कहा कि इस वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि एक लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास एवं नवाचार कोष की स्थापना है। इसके तहत सरकार प्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में भी अनुसंधान विकास को समर्थन देने जा रही है जो वैश्विक स्तर पर एक अभूतपूर्व कदम है। कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. एके सूद, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रो. अभय करंदीकर, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश एस गोखले, सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन कलैसेल्वी और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रन सहित वरिष्ठ वैज्ञानिक नेतृत्व उपस्थित थे। उन्होंने अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों का ब्यौरा पेश किया। वैभव योजना का लाभ मिल रहा केंद्रीय मंत्री ने विदेशों में कार्य कर रहे वैज्ञानिकों के लिए भारत में आकर शोध करने की योजना वैभव का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 55 वैज्ञानिकों ने इस योजना का लाभ उठाया है। जबकि 550 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने योजना में आवेदन किया था। सरकार इस योजना के तहत फैलोशिप की संख्या बढ़ाकर 70 तक करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि इन वैज्ञानिकों को देश के चुनिंदा शोध संस्थानों में मौका दिया जाता है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;