Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsIndia to Implement Digital Toll Collection System Within a Year
एक साल खत्म हो जाएंगे सभी टोल बूथ: गडकरी

एक साल खत्म हो जाएंगे सभी टोल बूथ: गडकरी

संक्षेप:

हाईवे निर्माण और मरम्मत पर 10 लाख करोड़ 10 लाख करोड़, अनुरोध खारिज टोल राशि अपने आप काट देता

Dec 04, 2025 06:16 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। वह दिन ज्यादा दूर नहीं है, जब टोल टैक्स देने के लिए हाईवे पर आपको लंबी-लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। फर्राटे भरती हुई आपकी कार में लगे फास्टैग से खुद टोल कट जाएगा। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया है कि एक वर्ष के भीतर वर्तमान टोल टैक्स कलेक्शन सिस्टम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान अपने मंत्रालय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देते हुए गडकरी ने कहा कि अगले एक साल में टोल कलेक्शन की मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया जाएगा। टोल टैक्स को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के माध्यम से चुकाया जाएगा।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इससे वाहन चालकों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। करीब दस स्थानों पर इस नई व्यवस्था को लागू किया जा चुका है। टेस्टिगं और मॉनिटरिंग के बाद अगले एक वर्ष के अंदर इसे पूरे देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क पर लागू कर दिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के बाद मौजूदा टोल व्यवस्था खत्म हो जाएगी। टोल बूथ पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में करीब 10 लाख करोड़ रुपए के 4500 राजमार्ग परियोजनाएं चल रही है। बड़ी मात्रा में हाईवे निर्माण के साथ डिजिटल टोल सिस्टम लागू होने से देश में सड़क यातायात और परिवहन की रफ्तार और तेज हो जाएगी। दिल्ली के प्रदूषण पर भी टिप्पणी लोकसभा में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने नई दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार वैकल्पिक ईंधन को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने टोयोटा की मिराई हाइड्रोजन ईंधन सेल कार का उपयोग शुरू कर दिया गया है। गडकरी ने हाईड्रोजन को भविष्य का ईंधन भी करार दिया। कैसे काम करेगी तकनीक दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (एनईटीसी) तकनीक विकसित की है। इसका मकसद टोल सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल बनाना है। इसमें आरईआईडी यानी की रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस वाहन की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। यह हाईवे टोल प्लाजा पर वाहन गुजरने के दौरान बिना रुके चालक से जुड़े बैंक खाते से टोल राशि अपने आप काट देता है। -------------------- सड़क दुर्घटना पीड़ितों के इलाज के करीब 20% अनुरोध खारिज सरकार ने गुरुवार को बताया कि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के कैशलेस उपचार की योजना के तहत किए गए कुल 6,833 अनुरोधों में से अब तक सिर्फ 5,480 पीड़ित ही पात्र पाए गए हैं, बाकी 1,353 मामले (लगभग 20 प्रतिशत) पुलिस ने खारिज कर दिए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि मोटर वाहन दुर्घटना कोष के तहत कुल 73,88,848 रुपये की धनराशि दी गई है। सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के कैशलेस उपचार की योजना, 2025 के तहत हर दुर्घटना के मामले में पीड़ित का 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार किया जाएगा।