
जोरावर टैंक से नाग मिसाइल का सफल परीक्षण
भारत ने स्वदेशी हल्के टैंक 'जोरावर' पर एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल नाग एमके-2 का सफल परीक्षण किया है। यह टैंक डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किया गया है और लार्सन एंड टुब्रो द्वारा निर्मित है। रक्षा मंत्री राजनाथ...
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। स्वदेशी हल्के टैंक ‘जोरावर से पहली बार एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल नाग एमके-2 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। यह टैंक डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किया गया है और इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो कंपनी ने किया है। इस परियोजना की निगरानी डीआरडीओ की कॉम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट कर रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय के अनुसार, इस परीक्षण के दौरान टैंक ने मिसाइल फायरिंग की सभी प्रदर्शन क्षमताओं जैसे रेंज, गतिशीलता और टॉप-अटैक मोड को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया। डीआरडीओ ने परीक्षण का वीडियो भी जारी किया है।
वीडियो में मिसाइल को सटीक निशाना लगाते हुए देखा जा सकता है। कोट::: यह सफलता भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल को और मजबूत करेगी तथा देश को आधुनिक युद्ध तकनीक में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। - राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री ---- खासियत 1. जोरावर टैंक -25 टन तक है वजन -मल्टी वेपन्स सिस्टम और अब नाग मिसाइल से भी लैस -ड्रोन और सेंसर से जुड़ा कमांड सिस्टम, रीयल-टाइम निगरानी -सीमावर्ती इलाकों में ले जाने में सक्षम -सेना के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन और आपूर्ति की योजना 2. नाग मिसाइल -तीसरी पीढ़ी की फायर-एंड-फॉरगेट एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल -टैंक-लॉन्चर से दागी जा सकती है -सटीक निशाना और लंबी दूरी की मारक क्षमता

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