Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsIndia Strengthens Supply Chain with Global Collaboration Piyush Goyal
आपूर्ति शृंखला में अतिरिक्त खर्च करने को तैयार

आपूर्ति शृंखला में अतिरिक्त खर्च करने को तैयार

संक्षेप: भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। 'आत्मनिर्भर भारत' पहल और उत्पादन प्रोत्साहन योजनाओं का जिक्र करते हुए,...

Wed, 22 Oct 2025 07:21 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों की आपूर्ति शृंखला को जुझारू बनाने के लिए काम कर रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त खर्च करने के लिए भी तैयार है। गोयल ने यह बात 'संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन' (अंकटाड) की मंत्री-स्तरीय बैठक में कही। इस बैठक में 'जुझारू, टिकाऊ और समावेशी आपूर्ति शृंखला और व्यापार लॉजिस्टिक' पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश की खुदरा और औद्योगिक क्षमता बढ़ाने के इरादे से 'आत्मनिर्भर भारत' पहल शुरू की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 'उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना और सेमीकंडक्टर उत्पादन बढ़ाने की नीति शुरू की है।

साथ ही, ढांचागत विकास के लिए एक लाख करोड़ डॉलर का राष्ट्रीय मास्टर प्लान भी शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में भारत ने बंदरगाह क्षमता दोगुनी की है। इसके साथ हवाई अड्डों की संख्या 74 से 158 तक बढ़ाई और अगले 7-8 साल में इसे 225 तक ले जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि रेल, सड़क और अंतर्देशीय जलमार्ग नेटवर्क के विकास में भी बड़े निवेश किए जा रहे हैं। गोयल साझेदारी सुदृढ़ बनाने के लिए जर्मनी जाएंगे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस सप्ताह जर्मनी के बर्लिन की यात्रा पर जाएंगे और सरकारी अधिकारियों तथा कारोबारियों से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। गोयल 23 अक्टूबर को अपनी यात्रा के दौरान जर्मन संघीय आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा मंत्री कैथरीना रीचे और फेडेरल चांसलरी में आर्थिक एवं वित्तीय नीति सलाहकार तथा जर्मनी के जी7 एवं जी20 शेरपा डॉ. लेविन होले के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, बैठक के दौरान गतिशील भारत-जर्मनी आर्थिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा व्यापार एवं निवेश सहयोग बढ़ाने के नए अवसरों की तलाश करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।