जैविक संसाधनों के संरक्षण को दो नए राष्ट्रीय रिपॉजिटरी नामित
केंद्र सरकार ने जैविक संसाधनों के संरक्षण के लिए कोच्चि और पुणे में दो संस्थानों को अधिकृत भंडार के रूप में नामित किया है। इससे जैविक नमूनों और नई प्रजातियों के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। इन संस्थानों के जुड़ने से देश में राष्ट्रीय रिपॉजिटरी की संख्या 20 हो गई है।

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने जैविक संसाधनों के संरक्षण और वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए दो संस्थानों को विभिन्न श्रेणियों के जैविक संसाधनों के लिए अधिकृत भंडार (रिपॉजिटरी) के रूप में नामित किया है। इससे जैविक नमूनों, विशेष रूप से वाउचर स्पेसिमेन को सुरक्षित रखने और नई प्रजातियों के व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने में मदद मिलेगी। नामित संस्थानों में कोच्चि स्थित सेंटर फॉर मरीन लिविंग रिसोर्ससेज एंड इकोलॉजी का रेफरल सेंटर भावसागर तथा पुणे स्थित अगरकर अनुसंधान संस्थान के अंतर्गत एमएसीएस कलेक्शन ऑफ माइक्रोऑर्गेनिज्म्स और नेशनल फंगल कल्चर कलेक्शन शामिल हैं। इन दो नए संस्थानों के जुड़ने से देश में राष्ट्रीय रिपॉजिटरी की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


