भारत रणनीतिक स्वायत्तता के लिए प्रतिबद्ध : जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा खरीद के निर्णय लागत, जोखिम और उपलब्धता पर निर्भर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद रोकने की सहमति नहीं दी है।

- कहा, ऊर्जा खरीद से जुड़े फैसले उपलब्धता जैसे कारकों पर आधारित होंगे नई दिल्ली, एजेंसी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता की नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा खरीद से जुड़े फैसले लागत, जोखिम और उपलब्धता जैसे कारकों पर आधारित होंगे। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुलके साथ संवाद सत्र में जयशंकर ने यह टिप्पणी की। उन्होंने यह टिप्पणी उस दावे की पृष्ठभूमि में की, जिसमें वाशिंगटन ने कहा था कि भारत ने रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने पर सहमति जताई है। जयशंकर ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार आज जटिल है और भारत की तेल कंपनियां वही निर्णय लेंगी, जो उन्हें अपने हित में उचित लगे।
उन्होंने कहा कि हम रणनीतिक स्वायत्तता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह हमारी ऐतिहासिक विरासत और विकास यात्रा का हिस्सा है। भारत ने अब तक औपचारिक रूप से इस दावे की पुष्टि या खंडन नहीं किया है कि उसने रूसी कच्चे तेल की खरीद रोकने का वादा किया है। यह सवाल हालिया व्यापार समझौते के संदर्भ में पूछा गया था कि क्या रूस से तेल खरीद बंद करने से भारत की रणनीतिक स्वायत्तता प्रभावित होगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




