
ब्यूरो:::::कड़ी रेटिंग प्रणाली से बजट कारों का सफर होगा सुरक्षित
-हार्डवेयर के बाद कारों के साफ्टवेयर को इंटेलीजेंट बनाने पर जोर नई दिल्ली, अरविंद
केंद्र सरकार सड़क सुरक्षा को वैश्विक मानकों पर ले जाने के लिए 2027 से ऑटोमोबाइल क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। इसके तहत कड़ी रेटिंग प्रणाली की मदद से बजट कारों के सफर को सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके अलावा सरकार हार्डवेयर मजबूती के बाद कारों के सॉफ्टवेयर इंटेलीजेंट बनाने जा रही है, जिससे हादसे की संभावनाओं को शून्य स्तर पर लाया जा सके। 2027 तक भारतीय कारें यूरोपीय मानकों के बराबर हो जाएंगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भारत एनसीएपी और नए सुरक्षा मानदंडों का मसौदा पहले ही जारी कर दिया है। इसके तहत एडवांस असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) व बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम को रेटिंग के लिए आवश्यक बनाया जा रहा है।
यह तकनीकी अभी तक मंहगी-लग्जरी व टॉप वैरिएंट कारों तक सीमित थी, लेकिन अक्तूबर 2027 तक सरकार इसे बजट कारों के लिए अनिवार्य करने जा रही है। आधुनिक होगा सॉफ्टवेयर सरकार कारों की बॉडी मजबूत करने व एयरबैग अनिवार्य करने के बाद कारों के सॉफ्टवेयर को आधुनिक बनाने जा रही है। मसौदे में 50 किमी प्रति घंटा की स्पीड से कारों का क्रैश टेस्ट (कारों को टक्कर मारकर उनकी सुरक्षा पता करना) पीछे से भी किया जाएगा। वर्तमान में आगे व साइड से क्रैश टेस्ट होता है। वीआरयू प्रोटेक्शन से कार के अंदर बैठे लोग ही नहीं, अब कार के बाहर वाले भी सुरक्षित होंगे। इसके लिए रेटिंग में 20 फीसदी को वेटेज दिया गया है। 5 स्टार रेटिंग के लिए कंपनियों को अब एक्टिव हुड जैसी तकनीक लानी होगी। इसमें टक्कर होते ही कार का बोनट हल्का सा ऊपर उठ जाएगा ताकि पैदल यात्री का सिर इंजन के कठोर हिस्से से न टकराए। एसओएस इमरजेंसी अलर्ट और पोस्ट-क्रैश' असेसमेंट को रेटिंग में शामिल किया गया है। 5 स्टार रेटिंग के लिए कार में ई-सेल सिस्टम को वरीयता दी जाएगी जो खुद एंबुलेंस को कॉल कर सके। इसके अलावा ड्राइवरों को अलर्ट करनेवाला सिस्टम भी लगेगा जो ड्राइवर की आंखों और व्यवहार की निगरानी करता है। नींद आने या ध्यान भटकने पर यह अलार्म बजाकर सचेत करता है। इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल तकनीक तेज मोड़ या गीली सड़कों पर कार को फिसलने या पलटने से रोकता है। ---------------

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




