दुनिया में जारी संकट का भारत ने डटकर मुकाबला किया: जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने वैश्विक संकटों के बीच मजबूती से सामना किया है। उन्होंने रायपुर आईआईएम के दीक्षांत समारोह में कहा कि भारत अब शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। 'आत्मनिर्भर भारत' का सिद्धांत सुरक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल क्रांति को भी अपनाने पर जोर दिया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष की ओर इशारा करते हुए शनिवार को कहा कि दुनिया भर में सकंट के बीच भारत मजबूती से उभरा है और हालात का डटकर मुकाबला किया है। जयशंकर रायपुर आईआईएम के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसमें उन्होंने कहा कि भारत ने घरेलू और बाहरी दोनों तरह की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है। वैश्वीकरण की व्यापकता के चलते संघर्ष का असर दूर-दराज के समाज तक पर भी गहराई से पड़ा है। उन्होंने कहा कि अब हम दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि हाल के कई वैश्विक झटकों ने हमारी सहनशक्ति की परीक्षा ली है।
ज्यादा समावेशी विकास, प्रतिनिधि राजनीति और निर्णायक नेतृत्व ने एक नई नींव रखी है। इससे हम सभी अब ऊंची उम्मीदें रख सकते हैं। हमने न सिर्फ डिजिटल क्रांति को पूरे उत्साह के साथ अपनाया है, बल्कि असल में इसे अपने जीवन में एक मकसद के साथ लागू भी किया है। यहां तक कि कई विकसित समाज ने भी ऐसा नहीं किया है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत में हमारे लिए, यह भावना 'आत्मनिर्भर भारत' के रूप में व्यक्त होती है। इसका महत्व तब साफ नजर आता है जब बात भोजन, स्वास्थ्य या ऊर्जा सुरक्षा की हो, या फिर राष्ट्रीय सुरक्षा की। हमें यह कोशिश करनी चाहिए कि हम ज्यादा से ज्यादा क्षमताएं अपने नियंत्रण में सुरक्षित कर सकें
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