एनएसई में निवेशक खातों की संख्या 26 करोड़ के पार
भारत के प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने जून में 26 करोड़ निवेशक खातों की उपलब्धि हासिल की। पिछले एक साल में 4.3 करोड़ से अधिक निवेशक खातों की वृद्धि हुई है। डिजिटलाइजेशन और मोबाइल ट्रेडिंग प्लेटफार्मों की उपयोगिता ने इसका मुख्य कारण बनाया है।

डीसी.. पांच राज्यों में 49 फीसदी खाते
1. महाराष्ट्र 4.4 करोड़ (17 प्रतिशत)
2. उत्तर प्रदेश 3 करोड़ (11 प्रतिशत)
3. गुजरात 2.2 करोड़ (8.6 प्रतिशत)
4. पश्चिम बंगाल 1.5 करोड़ (5.9 प्रतिशत)
5. राजस्थान 1.5 करोड़ (5.8 प्रतिशत)
एनएसई की उपलब्धि
मुंबई, एजेंसी। देश के प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ऑफ इंडिया ने जून में 26 करोड़ निवेशक खातों की उपलब्धि हासिल कर ली। एक्सचेंज पर यूनीक ट्रेडिंग खातों की संख्या 26 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है।
निवेशक भागीदारी में वृद्धि
खास बात यह है कि 25 करोड़ से 26 करोड़ का सफर चार महीने से भी कम समय में तय हुआ है जो निवेशकों की भागीदारी में निरंतर वृद्धि दिखाता है। पिछले एक साल में ही 4.3 करोड़ से अधिक निवेशक खाते एक्सचेंज से जुड़ चुके हैं। यह कुल खातों का लगभग 17 प्रतिशत है।
ट्रेडिंग खातों की संख्या
वहीं, 31 मई तक एनएसई में पंजीकृत यूनीक निवेशकों की संख्या 13.1 करोड़ से अधिक थी। ट्रेडिंग खातों की संख्या यूनीक निवेशकों से अधिक है क्योंकि एक निवेशक विभिन्न ब्रोकरों के माध्यम से कई ट्रेडिंग खाते रख सकता है। अप्रैल 2026 में यूनीक निवेशकों की संख्या 13 करोड़ के पार पहुंची थी।
डिजिटलाइजेशन का प्रभाव
ट्रेडिंग खातों में तेज वृद्धि का मुख्य कारण डिजिटलाइजेशन है। मोबाइल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है और अब नकद बाजार के कुल कारोबार का पांचवें हिस्से से अधिक योगदान मोबाइल ट्रेडिंग के माध्यम से आता है।
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