मुश्किल: मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश संभव

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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इस बार भारत में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि जून से सितंबर में बारिश का औसत 90 फीसदी रहने का अनुमान है। केरल में मानसून अगले सात दिनों में दस्तक दे सकता है। जून में सामान्य से ज्यादा गर्मी और अल नीनो का प्रभाव भी देखने को मिलेगा।

मुश्किल: मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश संभव

देश में इस बार मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश संभव है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को ये जानकारी दी। जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश लंबी अवधि के औसत 94 फीसदी से घटकर 90 फीसदी रहने का अनुमान है। आईएमडी के अनुसार उत्तर पूर्व में इस बार मानसून सामान्य रह सकता है लेकिन देश के दूसरों हिस्सों में सामान्य से कम बारिश संभव है। आंकड़ों के अनुसार 1971 से 2020 के बीच लंबी अवधि में बारिश 87 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि जून में देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम यानी लंबी अवधि के औसत से 92 फीसदी से कम होगी। उन्होंने बताया कि मानसून सीजन में लंबी अवधि के औसत से 90 फीसदी से कम बारिश होती है तो उसे कम बारिश करार दिया जाएगा। पहली बार है जब बीते 11 वर्षों में जून से सितंबर के बीच वर्षा में इतनी कमी का पूर्वानुमान लगाया गया है। इससे पहले अप्रैल में जारी पहले पूर्वानुमान में 92 फीसदी वर्षा की संभावना जताई गई थी。

सात दिन में दस्तक देगा मानसून

आईएमडी महानिदेशक ने बताया कि केरल में मानसून अगले सात दिनों में दस्तक दे सकता है। केरल के कुछ हिस्सों में सक्रियता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून एक जून से सक्रिय हो सकता है और इसी के बाद पूरे देश में मानसून सीजन की शुरुआत होगी।

सितंबर में शक्तिशाली होगा अल नीनो

मौसम विभाग ने बताया कि जून में अल नीनो कमजोर हो सकता है लेकिन सितंबर में ये मध्यम से शक्तिशाली हो सकता है। मौजूदा समय में भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ अल नीनो दक्षिणी दोलन की स्थितियां अल नीनो की स्थितियों में परिवर्तित हो रही हैं।

जून में सामान्य से ज्यादा गर्मी

देश के अधिकतर हिस्सों में जून में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के भीतरी इलाकों में लू वाले दिनों का प्रभाव सामान्य से अधिक रहेगा। राजस्थान और झारखंड में सामान्य से कम रहेगा।

मानूसन में देरी के कई कारण

मानसून ने अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में प्रगति की है। मानसून में देरी या कमजोरी के पीछे पश्चिमी प्रशांत में विकसित हो रहा टाइफून, लक्षद्वीप क्षेत्र में चक्रवातीय परिसंचरण जिम्मेदार हैं। मानसून पर अल नीनो का भी असर दिख सकता है।

सामान्य प्रश्न

इस वर्ष मानसून में बारिश का अनुमान क्या है?
इस वर्ष मानसून सीजन में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है, जो 90 फीसदी रहने की संभावना है।
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