सेवा क्षेत्र के लिए एक सूचकांक लाने की तैयारी
केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय ने अर्थव्यवस्था के संगठित क्षेत्र के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) का प्रारूप पेश किया है। वर्तमान में, सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को मापने के लिए कोई आधिकारिक सूचकांक नहीं है, जिससे डेटा में कमी आ रही है। सेवा क्षेत्र जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देता है और रोजगार सृजन में भी बड़ा भूमिका निभाता है।

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने अर्थव्यवस्था के संगठित क्षेत्र के लिए सेवा उत्पादन सूचकांक (आईएसपी) तैयार करने के बारे में एक शुरुआती रूपरेखा जारी किया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि फिलहाल सेवा क्षेत्र की अल्पकालिक गतिविधियों को मापने के लिए कोई आधिकारिक सेवा उत्पादन सूचकांक उपलब्ध नहीं है, जिसकी वजह से अर्थव्यवस्था के आकलन में डेटा से जुड़ा एक बड़ा फासला बना हुआ है। मंत्रालय के मुताबिक, सेवा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का सबसे गतिशील और तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा है, जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आधे से अधिक योगदान देता है और बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित करता है।सांख्यिकी
एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत संचालित राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) लंबे समय से आईएसपी तैयार करने की चुनौती से जूझ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) मौजूद है लेकिन सेवा क्षेत्र के लिए ऐसा कोई सूचकांक नहीं है।
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