कारोबारी गतिविधियां चार माह के उच्च स्तर पर

Mar 02, 2026 05:13 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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फरवरी में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि हुई और यह चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गई। घरेलू मांग में सुधार के कारण यह बढ़ोतरी हुई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर में कमी देखी गई। औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर जनवरी में घटकर 4.8 प्रतिशत पर आ गई।

कारोबारी गतिविधियां चार माह के उच्च स्तर पर

नई दिल्ली, एजेंसी। देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गई। घरेलू मांग में मजबूत सुधार के कारण यह बढ़ोतरी हुई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर की वृद्धि में कमी देखी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जनवरी के 55.4 से बढ़कर फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गया। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। सर्वेक्षण में कहा गया, समिति के सदस्यों के अनुसार, काम करने की दक्षता में सुधार, बाजार में मजबूत मांग, नए ऑर्डर में बढ़ोतरी और तकनीक में निवेश की वजह से उत्पादन में कुल मिलाकर अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

एक क्षेत्र जहां वृद्धि में कुछ कमी आई, वह नए निर्यात ऑर्डर रहे। हालांकि, जिन कंपनियों की विदेशों में बिक्री बढ़ी, उन्होंने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से ऑर्डर मिलने की बात कही। नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि ने 2025 के मध्य में शुरू हुई धीमी गति को जारी रखा, जिससे विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन कुछ हद तक सीमित हो गया। कुल नए ऑर्डर में लगातार तेज बढ़ोतरी होने के कारण भारत के विनिर्माताओं ने उत्पादन बढ़ाने और भंडारण करने के लिए अतिरिक्त कच्चे माल की खरीद की। काम का दबाव बढ़ने पर कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद तेज की, अपना भंडार बढ़ाया और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की। आने वाले एक वर्ष के लिए उत्पादन को लेकर कंपनियों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने उत्पादन बढ़ने का अनुमान जताया है, जबकि एक प्रतिशत से भी कम कंपनियों को गिरावट की आशंका है। जनवरी में औद्योगिक उत्पादन सुस्त रहा देश की औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर जनवरी में घटकर तीन महीने के निचले स्तर 4.8 प्रतिशत पर आ गई। खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन से वृद्धि दर में नरमी आई। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी, 2026 में देश का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 4.8 प्रतिशत रहा जो एक साल पहले की समान अवधि में 5.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा था। इससे पहले अक्टूबर, 2025 में वृद्धि दर 0.5 प्रतिशत रही थी, जो हाल के महीनों का सबसे निचला स्तर था। नवंबर, 2025 में आईआईपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी। इसके साथ ही, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने दिसंबर, 2025 के औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के आंकड़े को संशोधित कर आठ प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले जनवरी, 2026 में जारी अस्थायी अनुमान में इसे 7.8 प्रतिशत बताया गया था। एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर जनवरी माह में घटकर 4.8 प्रतिशत रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह 5.8 प्रतिशत थी।

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