बुनियादी ढांचे में निवेश से लॉजिस्टिक लागत घटी
नई दिल्ली। पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचे में 360 अरब डॉलर के निवेश से भारत की लॉजिस्टिक लागत जीडीपी के 10-10.7 प्रतिशत पर आ गई है। सीआईआई और नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने के लिए और अधिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की आवश्यकता है।

नई दिल्ली। पिछले एक दशक में बुनियादी ढांचा विकास में लगभग 360 अरब डॉलर के निवेश से भारत की लॉजिस्टिक लागत घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 10-10.7 प्रतिशत पर आ गई है, जो एक दशक पहले 13-14 प्रतिशत थी। उद्योग मंडल सीआईआई और रियल एस्टेट परामर्श कंपनी नाइट फ्रैंक की शुक्रवार को जारी एक संयुक्त रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि लॉजिस्टिक दक्षता को अगले स्तर पर ले जाने के लिए भारत को और अधिक 'मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क' (एमएमएलपी) की आवश्यकता होगी। 'फास्ट-ट्रैकिंग एमएमएलपी टू इनेबल मोडल शिफ्ट: इंडियाज मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक ट्रांसफॉर्मेशन: ए स्ट्रैटेजिक आउटलुक' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रगति को दर्शाते हुए वैश्विक लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक (एलपीआई) में भारत की रैंकिंग 2014 में 54वें स्थान से सुधरकर 2023 में 38वें स्थान पर पहुंच गई।
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