भारत के एफटीए से बढ़ेगा निवेश: पीयूष गोयल
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि विकसित देशों के साथ भारत के एफटीए दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए हैं। स्विट्जरलैंड जैसे देशों ने भारत में बड़े निवेश और रोजगार की प्रतिबद्धता जताई है। भारत की युवा आबादी और तेजी से बढ़ता बाजार विदेशी निवेशकों के लिए अवसर प्रदान करता है।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि विकसित देशों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) देश की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि, निवेश, नवाचार, गुणवत्ता सुधार और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। इन समझौतों से भारत की वैश्विक व्यापार में भागीदारी भी बढ़ेगी। उधर, भारत ने अपना आधारभूत ढांचा तेजी से मजबूत किया है।
भारत और स्विट्जरलैंड के संबंध
गुरुवार को इंडिया ग्लोबल इनोवेशन कनेक्ट की वार्षिक बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच विशेष संबंध हैं। भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) देशों के बीच हुआ व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) व्यापार, निवेश और नवाचार आधारित सहयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है। स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टीन और आइसलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार देने की प्रतिबद्धता जताई है। समझौते के तहत निवेश से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि भारत का विकसित देशों के साथ संबंध प्रतिस्पर्धा नहीं है। समझौते परस्पर सहयोग पर आधारित हैं। यूरोप, अमेरिका, कनाडा, इजराइल, खाड़ी देशों, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों की प्रति व्यक्ति आय भारत से कहीं अधिक है, लेकिन यह सभी देश वृद्ध होती आबादी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जबकि भारत के पास 30 वर्ष से कम औसत आयु वाली युवा कार्यशक्ति का बड़ा लाभ है।
भारत का बाजार और निवेश अवसर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित देशों में उत्पादन और अनुसंधान की लागत बढ़ने से उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत की युवा प्रतिभा, कम लागत और विशाल बाजार को विकसित देशों की पूंजी, तकनीक और विशेषज्ञता के साथ जोड़कर लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि बीते साढ़े तीन वर्षों में भारत ने 38 देशों के नौ एफटीए किए हैं। इन समझौतों से भारत को नए बाजारों तक पहुंच, उभरती तकनीकों में सहयोग और रोजगार के अवसर मिलेंगे। 1.4 अरब उपभोक्ताओं वाले भारत का तेजी से बढ़ता बाजार विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कुछ देशों द्वारा घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए कुछ कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन उसके बावजूद वैश्विक व्यापार अब भी नियम आधारित व्यवस्था के तहत संचालित हो रहा है। भारत संवाद, सहयोग और पारस्परिक लाभ के आधार पर व्यापारिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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