
स्लीपर वंदेभारत में रफ्तार के सफर होगा बेहद आरामदायक
नई दिल्ली में देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने किया। यह ट्रेन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगी, जिसमें उन्नत डिजाइन, सीसीटीवी सुरक्षा, और मुफ्त आरओ पानी शामिल हैं। गुवाहाटी और कोलकाता के बीच यह ट्रेन चलेगी, और इसके उद्घाटन का इंतजार है।
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने इसका निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन यात्रियों को नई और बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। प्रत्येक कोच और चालक कैबिन को उन्नत डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। सस्पेंशन और ब्रेक सिस्टम ऐसा है कि यात्रियों को झटके नहीं लगेंगे। रेल मंत्री ने कहा कि सुरक्षा के लिए पूरी ट्रेन सीसीटीवी से लैस है। सीटों और बर्थ तक चढ़ने के लिए सीढ़ियों को भी बेहतर तरीके से डिजाइन किया गया है।
इन्हें भारी, हल्के और छोटे कद वाले यात्रियों के लिए परखा गया। कर्मचारियों के लिए अलग सीट की व्यवस्था भी की गई है। यह ट्रेन सबसे पहले गुवाहाटी और कोलकाता के बीच चलेगी, दोनों स्थानों से देर शाम रवाना होकर अगली सुबह अपनी यात्रा पूरी करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द इसका उद्घाटन करेंगे। रेल मंत्री ने बताया कि फिलहाल इस रूट पर दो ट्रेनें चलेंगी, और इस वर्ष 10 और वंदेभारत स्लीपर ट्रेनें तैयार की जाएंगी, जो पांच अलग-अलग रूट पर चलाई जाएंगी। देशभर में अब तक 180 से ज्यादा वंदेभारत ट्रेनें चल रही हैं, और स्लीपर वंदेभारत की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी। अश्वनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे लगातार ट्रैक, सिग्नल, स्टेशन, प्लेटफार्म और ओएचई जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। इस पहल से न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि भारतीय रेलवे की सेवा और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा। आरओ का पानी मुफ्त उपलब्ध वंदेभारत स्लीपर में आरओ वाटर सिस्टम लगाया गया है, जिससे यात्रियों को मुफ्त पानी मिलेगा। इसके लिए उन्हें अपनी पानी की बोतल साथ लेनी होगी। कोच में लगे नल से यात्री स्वच्छ पानी भर सकेंगे। ठंडा और गर्म दोनों प्रकार का पानी निशुल्क उपलब्ध होगा। इसके साथ ही 16 कोच वाली इस ट्रेन में 7 छोटी-बड़ी पैंट्री लगी हैं, जहां से यात्रियों को समय-समय पर खाने-पीने का सामान आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा। कूपे से बाहर देख सकेंगे कौन है मौजूद फर्स्ट एसी कोच में यात्री कूपे के बाहर दस्तक देने वाले को दरवाजा खोले बिना देख सकेंगे। दरवाजे पर लगे छोटे शीशे में अंदर-बाहर का कुछ नहीं दिखेगा, लेकिन यात्री पास मौजूद बटन दबाकर शीशे को सामान्य कर सकते हैं और बाहर खड़े व्यक्ति को देख सकते हैं। इसके बाद वह तय करेंगे कि दरवाजा खोलना है या नहीं। कूड़ा फेंकने के लिए कॉम्पैक्टर गाड़ी में गार्बेज कॉम्पैक्टर लगाए गए हैं। यात्री के पास लगे बटन को दबाने पर ढक्कन खुलता है और वह कूड़ा फेंक सकते हैं। फेंकने के बाद ढक्कन स्वतः बंद हो जाता है और कूड़ा दब जाता है, जिससे अधिक जगह बनती है। इससे ट्रेन में सफाई बनी रहती है और गंदगी नहीं फैलती। प्रत्येक सीट पर लाइट और चार्जिंग हर सीट पर छोटी लाइट और चार्जिंग प्वाइंट दिए गए हैं। इससे यात्रियों को निजी रोशनी मिलती है और दूसरों को परेशानी नहीं होती। मोबाइल चार्ज करने के लिए हर सीट पर शॉकेट और मोबाइल रखने की जगह भी उपलब्ध है। पहले गाड़ियों में छह सीटों पर एक-दो शॉकेट होते थे, अब हर यात्री को सुविधा मिलती है।

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