वृद्धि दर 7.5 से 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान
डेलॉयट इंडिया के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 7.5 से 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 2026-27 में यह 6.6 से 6.9 प्रतिशत रह सकती है। त्योहारी मांग और सेवाओं की गतिविधियों से जीडीपी में वृद्धि होने की उम्मीद है, जो भारत को तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाए रखेगा।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 7.5 से 7.8 प्रतिशत रहने जबकि 2026-27 में 6.6 से 6.9 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। सलाहकार कंपनी डेलॉयट इंडिया ने यह जानकारी दी। डेलॉयट ने कहा कि भारत के लिए 2025 को घरेलू मांग में 'जुझारूपन', राजकोषीय, मौद्रिक एवं श्रम नीतियों में निर्णायक सुधारों और व्यापार नीतियों में पुनर्समायोजन के वर्ष के रूप में याद किया जाएगा। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में आधार वर्ष 2011-12 पर आधारित वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बावजूद कि व्यापार में व्यवधान, विकसित अर्थव्यवस्थाओं में नीतिगत बदलाव एवं अस्थिर पूंजी प्रवाह जैसी वैश्विक चुनौतियां मौजूद थीं।
डेलायट इंडिया को उम्मीद है कि त्योहारी मांग और सेवाओं की मजबूत गतिविधियों से वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी की वृद्धि दर 7.5 से 7.8 प्रतिशत रहेगी। इसके अलावा, कंपनी ने बयान में कहा कि उच्च आधार एवं वैश्विक अनिश्चितताओं के बने रहने से वित्त वर्ष 2026-27 में वृद्धि दर घटकर 6.6 से 6.9 प्रतिशत हो सकती है। डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा, '' भारत की मजबूती कोई संयोग नहीं है। यह लंबे समय से अपनाई गई वृद्धि-समर्थक नीतियों का परिणाम है।'' सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा भारत चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.3 से 7.5 प्रतिशत और 2026-27 में सात प्रतिशत रहने का अनुमान है। पेशेवर सेवा एवं सलाहकार कंपनी ग्रांट थॉर्नटन भारत ने बुधवार को यह बात कही। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी प्रथम अग्रिम अनुमानों के अनुसार, सेवा एवं विनिर्माण क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन से भारत की वृद्धि दर के 2025-26 में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो गत वित्त वर्ष के 6.5 प्रतिशत से अधिक है। इस प्रकार भारत, विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रखेगा। ग्रांट थॉर्नटन भारत के साझेदार एवं आर्थिक सलाहकार सेवा प्रमुख (अर्थशास्त्री, मैक्रो इकोनॉमिक अफेयर्स) ऋषि शाह ने कहा कि भारतीय आयात पर अमेरिकी शुल्क और अन्य बाधाओं के बावजूद निर्यात स्थिर बना हुआ है।
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