आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा को आधुनिक बनाने की तैयारी

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए बड़ा बदलाव कर रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई करिकुलम टास्कफोर्स के साथ बैठक की। साझा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, नए पाठ्यक्रम लागू करने और एआई साक्षरता कार्यक्रम शुरू करने पर सहमति बनी।

 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा को आधुनिक बनाने की तैयारी

केंद्र सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शिक्षा को आधुनिक और उद्योग की जरूरतों के अनुसार बनाने के लिए बड़ा बदलाव करने जा रही। इसी दिशा में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई करिकुलम टास्कफोर्स के साथ गुरुवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में एआई शिक्षा को अधिक उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए साझा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसमें उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर जीपीयू कंप्यूटिंग, एज डिवाइस, सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म और अन्य आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराएंगे।

बैठक के प्रमुख मुद्दे

बैठक में चार प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी है। इनमें राष्ट्रीय स्तर पर एआई के लिए कंप्यूटर, बुनियादी ढांचे, संकाय और फैकल्टी की जरूरत का आकलन करना। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के साथ नए पाठ्यक्रम को लागू करना, फैकल्टी ट्रेनिंग रोडमैप तैयार करना और गैर-तकनीकी विषयों के छात्रों के लिए एआई साक्षरता कार्यक्रम शुरू करना शामिल है। बैठक में पहले सेमेस्टर से ही छात्रों को वास्तविक इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स से जोड़ने की योजना पर चर्चा की गई। साथ ही एआई विषयों को नियमित अकादमिक क्रेडिट सिस्टम में शामिल करने और हर सेमेस्टर में चरणबद्ध तरीके से लागू करने का प्रस्ताव रखा गया। टास्कफोर्स ने सुझावा दिया कि मौजूदा 25 से 30 प्रतिशत प्रैक्टिकल ट्रेनिंग को बढ़ाकर 40 से 75 प्रतिशत तक किया जाए, जिससे छात्र इसे गंभीरता से लें।

एआई के सही इस्तेमाल सिखाया जाएगा

छात्रों को केवल एआई बनाना नहीं, बल्कि इसके सही इस्तेमाल को भी सिखाया जाए। एआई का कोर्स और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग किसी एक सेमेस्टर नहीं। पूरे पाठ्यक्रम के दौरान पढ़ाया जाए। बैठक में रिस्पॉन्सिबल एआई और एआई गवर्नेंस को भी पूरे कोर्स का हिस्सा बनाने पर सहमति बनी। इसके अलावा छात्रों को लचीला शैक्षणिक विकल्प देने के लिए एक साल बाद सर्टिफिकेट, दो साल बाद डिप्लोमा और तीन साल बाद एडवांस डिप्लोमा देने का प्रस्ताव रखा गया।

अध्ययन के आधार पर लिए गए फैसले

सरकार ने उद्योग जगत और नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनियों (नैसकॉम) के सहयोग से देश के विभिन्न संस्थानों में पढ़ाए जा रहे बीटेक कंप्यूटर साइंस और संबंधित पाठ्यक्रमों का अध्ययन कराया, जिसमें पाया गया कि भारतीय पाठ्यक्रम में एआई की पढ़ाई बढ़ी है, लेकिन व्यवहारिक प्रशिक्षण, आधुनिक लैब और इंडस्ट्री एक्सपोजर में अभी तक बड़ी कमी है। खासतौर पर जनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग ऑपरेशंस और फाउंडेशन मॉडल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सुधार की जरूरत बताई गई। बैठक में जिम्मेदार एआई और एआई गवर्नेंस को पूरे कोर्स का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।

सामान्य प्रश्न

केंद्र सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा में क्या सुधार कर रही है?
केंद्र सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा को आधुनिक और उद्योग की जरूरतों के अनुसार बनाने के लिए बड़ा बदलाव कर रही है।
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