क्रिप्टोकरंसी से जुड़े नियम और कर नीति में स्पष्टता मिलेगी
भारत में आम बजट 2026 के लिए वर्चुअल डिजिटल असेट्स जैसे क्रिप्टोकरेंसी और एनएफटी के लिए उद्योग की अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ नियामकीय स्पष्टता, टैक्स पुनर्समीक्षा और एक समर्पित कानूनी ढांचे की मांग कर रहे हैं। इन सुधारों से निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और भारत को वैश्विक क्रिप्टो विनियमन केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली। भारत में आम बजट 2026 से पहले वर्चुअल डिजिटल असेट्स जैसे क्रिप्टोकरेंसी,एनएफटी और डिजिटल टोकन के सम्बंध में उद्योग की अपेक्षाएं बहुत बढ़ गई हैं। पिछले कुछ वर्षों में भारत में क्रिप्टो का उपयोग काफी बढ़ा है और आज भारत दुनिया में उपयोगकर्ताओं की संख्या के हिसाब से अग्रणी स्थान रखता है। ऐसे में इस बजट में नियमों और कर नीति से जुड़ी स्पष्टता और सुधार की उम्मीदें हैं। बजट 2026 को क्रिप्टो सेक्टर के लिए एक संभावित मील का पत्थर माना जा रहा है। उद्योग की अपेक्षा है कि संवाद, नियामकीय स्पष्टता, टैक्स की पुनर्समीक्षा और एक सुव्यवस्थित कानूनी ढांचा भारत को विश्वस्तरीय क्रिप्टो विनियमन और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
यह न केवल निवेशकों के हित में है, बल्कि आर्थिक विकास और डिजिटल नवाचार को आगे बढ़ाने में भी योगदान देगा। वर्चुअल डिजिटल असेट्स : वर्चुअल डिजिटल असेट्स डिजिटल रूप में मौजूद ऐसे एसेट होते हैं जिन्हें इंटरनेट पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से खरीदा-बेचा या निवेश के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें प्रमुख रूप से क्रिप्टोकॉइन्स (जैसे बिटकॉइन, एथेरियम) और एनएफटी शामिल हैं। ये पारंपरिक मुद्रा नहीं हैं और इन्हें भारत के आयकर कानून में विशेष रूप से वर्चुअल डिजिटल असेट्स के रूप में परिभाषित किया गया है। मौजूदा कर ढांचा 30% टैक्स और 1% स्रोत पर कर वित्त मंत्री ने एक अप्रैल 2022 से लागू कर ढांचे के तहत वीडीए से होने वाली आय पर 30% फ्लैट टैक्स लगाया है,चाहे वह निवेश लाभ हो या ट्रेडिंग लाभ। इसके अलावा, वीडीए चेंज पर 1% टीडीएस (स्रोत पर कर) भी लागू है। इस ढांचे में नुकसान को किसी अन्य आय से समायोजित करने या आगे के वर्षों में कैरी फॉरवर्ड करने की अनुमति नहीं है। बजट 2026 में अपेक्षित बदलाव क्रिप्टो और वीडीए सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ आगामी बजट में निम्नलिखित प्रमुख सुधार की मांग कर रहे हैं: 1. नियामकीय स्पष्टता उद्योग यह चाहता है कि सरकार स्पष्ट नियम दे कि वीडीए के साथ कौन-सी गतिविधियां वैध हैं,किन विनियामक मानकों का पालन करना आवश्यक है और किस तरह के रिपोर्टिंग नियम लागू होंगे। इससे निवेशकों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और एक सुरक्षित, पारदर्शी डिजिटल एसेट इकोसिस्टम स्थापित होगा। 2. टैक्स ढांचे में सुधार और पुनर्समीक्षा वर्तमान कर नियम कई कारणों से उद्योग के लिए कठिन बताए जा रहे हैं: -30% टैक्स दर बहुत अधिक है और क्रिप्टो ट्रेडर्स या निवेशकों के लिए असंतुलित वित्तीय बोझ पैदा करती है। -1% टीडीएस की दर से भारत में व्यापार में तरलता कम होती है,जिससे कई व्यापारिक गतिविधियां विदेशी प्लेटफॉर्म की ओर चली जाती हैं। -हानि को समायोजित करने की अनुमति न होना भी बाजार भागीदारी और निष्पक्षता को कम करता है। 3. टीडीएस सीमा और दर में बदलाव विशेषज्ञ यह सुझाव दे रहे हैं कि 1% टीडीएस को घटाकर बहुत कम स्तर,जैसे 0.01% किया जाए या टीडीएस लागू होने वाली सीमा को बढ़ाकर ₹पांच लाख तक किया जाए। इससे छोटे निवेशकों पर अनावश्यक बोझ कम होगा और बाजार में तरलता बेहतर होगी। 4. सम्पूर्ण कानूनी ढांचा या क्रिप्टो बिल क्षेत्र के प्रतिनिधि चाहते हैं कि क्रिप्टो और वीडीए के लिए एक समर्पित कानून या विधेयक लाया जाए जो व्यवसाय की नियमन, सुरक्षित निवेश, और जोखिम आधारित निगरानी के लिए मानक नियमों को परिभाषित करे। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाएगा और नियामक शून्य को समाप्त करेगा। वर्तमान कर ढांचा 1. आय पर कर वीडीए के ट्रांसफर से होने वाली किसी भी आय पर 30% की फ्लैट टैक्स दर लागू होती है। इसके अलावा सरचार्ज और सेस भी देना होता है। यह कर दर होल्डिंग पीरियड (कम या ज्यादा समय तक रखने) से प्रभावित नहीं होती। 2. किसी भी तरह की कटौती नहीं वीडीए से जुड़ी आय पर किसी भी प्रकार के खर्च या भत्ते (जैसे प्लेटफॉर्म फीस, ब्रोकरेज, इंटरनेट खर्च आदि) की कटौती की अनुमति नहीं है। केवल खरीद मूल्य को ही मान्य किया जाता है। 3. नुकसान समायोजन की अनुमति नहीं वीडीए के ट्रांसफर से हुए नुकसान को किसी अन्य आय के साथ समायोजित नहीं किया जा सकता। ऐसे नुकसान को आने वाले वर्षों में आगे ले जाने की भी अनुमति नहीं है। 4. गिफ्ट पर टैक्स नियम यदि वीडीए गिफ्ट के रूप में प्राप्त किए जाते हैं, तो टैक्स भुगतान की जिम्मेदारी प्राप्तकर्ता की होती है, न कि देने वाले की। 5. 1% टीडीएस का प्रावधान (धारा 194एस) 1 जुलाई 2022 से आयकर अधिनियम में धारा 194एस जोड़ी गई। इसके तहत वीडीए के ट्रांसफर के बदले भुगतान या क्रेडिट के समय 1% टीडीएस काटना अनिवार्य है। यह टीडीएस किसी भी निवासी व्यक्ति को भुगतान किए जाने पर लागू होता है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


