
आईआरईएल का बजट बढ़ाने की मांग
नई दिल्ली में एक संसदीय पैनल ने सरकार से आईआरईएल इंडिया को दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की खोज और खनन के लिए अधिक बजट देने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में घरेलू उपलब्धता और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए स्पष्ट रणनीति बनाने की बात की गई है। साथ ही, महिला श्रमिकों के लिए क्रेच खोलने की भी सिफारिश की गई है।
नई दिल्ली, एजेंसी। दुर्लभ पृथ्वी खनिजों की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में एक संसदीय पैनल ने सरकार से कहा है कि वह दुर्लभ खनिजों की खोज और खनन को प्राथमिकता देने के लिए आईआरईएल इंडिया को अधिक बजट दे। परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आईआरईएल इंडिया देश की एकमात्र कंपनी है, जो दुर्लभ पृथ्वी अयस्कों का खनन करती है। कोयला, खान और इस्पात संबंधी स्थायी समिति ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि सरकार को इस क्षेत्र में घरेलू उपलब्धता, पहचान, खोज और आर्थिक व्यवहार्यता को लेकर एक स्पष्ट रणनीति बनानी चाहिए।
इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता को कम करना है। ‘क्रेच’ खोलने पर विचार की सिफारिश संसद की एक समिति ने श्रम मंत्रालय से महिला श्रमिकों के लिए क्रेच (शिशु सदन) खोलने में एनजीओ की सेवाएं लेने पर विचार करने की सिफारिश की है। समिति ने बताया कि फिलहाल केवल मध्य प्रदेश और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव में ही महिला निर्माण श्रमिकों के लिए क्रेच सुविधाएं उपलब्ध हैं। ‘असंगठित क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण’ विषय पर पेश रिपोर्ट में महिला सशक्तीकरण संबंधी समिति ने क्रेच के संचालन समय को महिलाओं के आठ घंटे के कार्य समय के अनुरूप रखने की सिफारिश की है।

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