
खेल : गिल ने ईडन गार्डंस में खोले हाथ
शोल्डर : टीम इंडिया ने नेट पर जमकर किया अभ्यास, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुक्रवार से खेला जाएगा पहला मुकाबला, छह साल बाद यहां खेला जाएगा टेस्ट मैच
भारत के सामने ईडन गार्डंस में अजेय अभियान जारी रखने की चुनौती शोल्डर : दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला शुक्रवार से खेला जाएगा, छह साल बाद यहां खेला जाएगा टेस्ट मैच, 13 साल से अजेय है भारतीय टीम कोलकाता, एजेंसी। ईडन गार्डंस छह साल बाद टेस्ट मैच की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारतीय टीम और दक्षिण अफ्रीका के बीच दो मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला शुक्रवार से यहां शुरू होगा। शुभमन गिल की टीम के सामने इस स्टेडियम में 13 साल से चला आ रहा अपना अजेय अभियान जारी रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।

भारतीय टीम ने यहां 2012 के बाद से कोई मुकाबला नहीं गंवाया है। उसे यहां पिछली हार दिसंबर 2012 में धौनी की कप्तानी में इंग्लैंड के हाथों सात विकेट से मिली थी। उसके बाद टीम ने चार मैच खेले जिसमें से तीन जीते और एक ड्रॉ रहा। टीम ने ईडन गार्डंस में अपना पिछला मुकाबला विराट कोहली की कप्तानी में नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ गुलाबी गेंद से खेला था जो भारत का पहला दिन-रात्रि मुकाबला भी था। कोहली के शतक से भारत ने तीन दिन में ही मैच पारी और 46 रन से जीता था। उसके बाद यह भारतीय टीम का यहां पहला मुकाबला होगा। गिल ने खोले हाथ : गिल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे और टी-20 सीरीज खेलने के बाद टेस्ट मैच खेलेंगे। वह सीमित ओवरों की क्रिकेट में रन बनाने के लिए जूझते रहे। वह ऑस्ट्रेलिया में आठ पारियों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए। उनका उच्चतम स्कोर 46 रन रहा। उन्होंने अपनी तकनीक को दुरुस्त करने के लिए नेट्स पर करीब डेढ़ घंटा बिताया। नेट अभ्यास से पहले मुख्य कोच गौतम गंभीर और सहायक कोच सीतांशु कोटक को उनके साथ लंबी बातचीत करते हुए देखा गया। इसमें संभवतः उनके खेलने के तरीके पर चर्चा की गई। गिल बाद में स्लिप में फील्डिंग के अभ्यास के लिए अपने साथियों के साथ शामिल हुए। फिर यशस्वी जायसवाल के साथ नेट पर अभ्यास करने के लिए चले गए। स्पिन से शुरुआत करते हुए उन्होंने जडेजा और सुंदर का सामना किया। तेज गेंदबाजी की नेट पर गिल ने पहले बुमराह का कुछ ओवरों तक सामना किया। इसके बाद उन्होंने नितीश कुमार रेड्डी और कुछ स्थानीय क्लब गेंदबाजों का सामना भी किया। इसके बाद सहयोगी स्टाफ के एक सदस्य ने उनके लिए ऊंचाई से थ्रोडाउन करने के लिए साइडआर्म का इस्तेमाल किया। इससे गिल को अतिरिक्त उछाल और तेज रफ्तार वाली गेंदों पर अभ्यास करने का मौका मिला। गिल नेट पर एक घंटे से अधिक समय बिताने के बाद गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल की निगरानी में 30 मिनट तक थ्रोडाउन पर अभ्यास करने के लिए पिच पर चले गए। गेंदबाजी कोच ने यहां पर उनके लिए करीब से खुद गेंदबाजी की। सुदर्शन ने भी किया अभ्यास : तमिलनाडु के युवा साई सुदर्शन ने भी नेट पर अपने हाथ खोले। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ भारत ए की ओर से दो अनधिकृत टेस्ट मैचों में सिर्फ 84 रन बनाए थे। टीम प्रबंधन उन्हें तीसरे नंबर के बल्लेबाज के रूप में तैयार कर रहा है। लेकिन वह अभी तक अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे हैं। ध्रुव जुरेल ने दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ दूसरे मैच में दोनों पारियों में शतक लगाकर बल्लेबाजी क्रम में एक स्थान के लिए अपना दावा मजबूत कर दिया है। इसमें तीसरा नंबर भी शामिल है। केएल राहुल, जुरेल, कुलदीप और सिराज ने इस वैकल्पिक अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया लेकिन सुदर्शन के लिए किसी तरह का ब्रेक नहीं था। यशस्वी ने भी लंबे समय तक विकेट पर मोर्केल और थ्रोडाउन का सामना किया। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज सहज लय में दिख रहा था और आत्मविश्वास के साथ ड्राइव और पुल कर रहा था। बुमराह ने घुटने में बांधी थी पट्टी : तेज गेंदबाजों में सिर्फ बुमराह ही अभ्यास के लिए आए। उन्होंने लगभग 15 मिनट तक ऑफ स्टंप को निशाना बनाते हुए दो स्टंप पर हल्की गेंदबाजी की। उनके दाहिने घुटने पर हल्की पट्टी बंधी थी लेकिन उन्होंने गंभीर और मोर्केल की देखरेख में गेंदबाजी की। पिच से संतुष्ट नहीं प्रबंधन : लगभग तीन घंटे के अभ्यास के बाद टीम के थिंक टैंक गंभीर, कोटक, मोर्केल और गिल ने मुख्य पिच का निरीक्षण किया। मोर्केल और गिल ने क्यूरेटर सुजन मुखर्जी के साथ भी 15 मिनट तक चर्चा की। उनके हाव-भाव देखकर लग रहा था कि प्रबंधन पूरी तरह से संतुष्ट नहीं है। पिच भूरे रंग की दिखाई दे रही थी और उस पर हल्की घास के धब्बे थे। इस मैदान पर अभी तक जो दो रणजी मैच खेले गए हैं उनमें भारतीय तेज गेंदबाज आकाशदीप और शमी को पहले दिन शुरू में संघर्ष करना पड़ा था। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सौरव गांगुली पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि टीम प्रबंधन ने टर्न लेने वाली पिच तैयार करने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया है। दक्षिण अफ्रीका के पास तेज और स्पिन दोनों में संतुलित आक्रमण है। यदि कैगिसो रबाडा और मार्को यानेसन तेज गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। केशव महाराज, साइमन हार्मर और सेनुरन मुथुसामी की स्पिन तिकड़ी ने पाकिस्तान में शानदार प्रदर्शन किया था। ------------------------ द. अफ्रीका को 29 साल से जीत की तलाश दक्षिण अफ्रीकी टीम को 29 साल से ईडन गार्डंस में जीत की तलाश है। उसने यहां तीन मुकाबले खेले हैं जिसमें से एकमात्र जीत उसे दिसंबर 1996 में पहले मुकाबले में 329 रन से मिली थी। उसके बाद खेले गए दोनों मैच उसने हारे हैं। ------------------------ ईडन गार्डंस में भारत कुल मैच : 42 जीते : 13 हारे : 9 ड्रॉ : 20 ------------------ नंबर गेम -15 साल बाद दोनों टीमें यहां खेलेंगी। फरवरी 2010 में खेले गए पिछले मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को पारी और 57 रन से धोया था -161 रन दूर हैं गिल टेस्ट में तीन हजार रन पूरे करने से। वह अब तक 39 टेस्ट में दस शतकों से 2839 रन बना चुके हैं

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