Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsIndia Launches National IED Data Management System to Combat Explosive Threats
आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगा राष्ट्रीय आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम

आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगा राष्ट्रीय आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम

संक्षेप:

भारत जल्द ही एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश करेगा, जो विस्फोटक सामग्री इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के खतरों से निपटने में मदद करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस सप्ताह राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन करेंगे, जो आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगा और बम धमाकों की जांच में सहायता करेगा।

Jan 06, 2026 06:56 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, एजेंसी। विस्फोटक सामग्री इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के खतरों से निपटने के लिए देश को जल्द नया डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलने जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस सप्ताह राष्ट्रीय आईईडी डेटा प्रबंधन प्रणाली (एनआईडीएमएस) का उद्घाटन करेंगे। एनआईडीएमएस आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। इससे बम धमाकों की जांच और रोकथाम को नई ताकत मिलेगी। यह पहल भारत की काउंटर-आईईडी क्षमता और आंतरिक सुरक्षा ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा विकसित एनआईडीएमएस एक सुरक्षित, राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका उद्देश्य आईईडी से संबंधित आंकड़ों का व्यवस्थित संग्रह और संकलन करना एवं इसे साझा करना है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली विस्फोट के बाद की जांच में सहायता करने और देशभर की विभिन्न सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। आईईडी से जुड़ी जानकारियों का साझा प्लेटफॉर्म अधिकारियों ने बताया कि यह आईईडी से जुड़ी जानकारियों का एक साझा प्लेटफॉर्म होगा। इससे राज्य पुलिस बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां रियल टाइम में महत्वपूर्ण डेटा हासिल कर सकती हैं। साथ ही उसका विश्लेषण भी किया जा सकेगा। इस एकीकृत और डेटा-आधारित प्रणाली से जांच एजेंसियों को घटनाओं के पैटर्न पहचानने, रुझानों पर नजर रखने और पूर्व घटनाओं से उपयोगी निष्कर्ष निकालने में मदद मिलेगी। इससे आईईडी खतरों के प्रति तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होगी। समय पर महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी एनआईडीएमएस के जरिये एजेंसियों के बीच सहयोग भी मजबूत होगा, क्योंकि इसमें डेटा प्रारूप और जांच से जुड़े इनपुट को मानकीकृत किया गया है। इससे दोहराव कम होगा और काउंटर-टेररिज्म जैसे अभियानों से जुड़े सभी हितधारकों को समय पर महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकेगी। भविष्य में और विकसित होगा आईईडी विस्फोट देश के कई हिस्सों में एक बड़ी सुरक्षा चुनौती है। आतंकी और उग्रवादी संगठन सुरक्षाबलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए इसका उपयोग करते रहे हैं। तकनीक और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से एनआईडीएमएस का उद्देश्य ऐसे हमलों को रोकने और घटनाओं के बाद अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने की राष्ट्रीय क्षमता को बढ़ाना है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में यह प्लेटफॉर्म और विकसित होगा, जिसमें नए डाटा सेट और विश्लेषणात्मक टूल जोड़े जाएंगे, ताकि उभरती सुरक्षा चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके।