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भारत के लिए रक्षा-रोजगार के क्षेत्र में मौके बढ़ेंगे

भारत के लिए रक्षा-रोजगार के क्षेत्र में मौके बढ़ेंगे

संक्षेप:

नोट :::: भारत-इजरायल व्यापार मुक्त समझौते की खबर पेज-1 पर जा रही है। यह उसका

Nov 21, 2025 12:00 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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तेल अवीव, विशेष संवाददाता। इजराइल के साथ होने वाले मुक्त व्यापार समझौते से न सिर्फ दोनों देशों के बीच सामानों का द्विपक्षीय व्यापार बढेगा बल्कि इससे भविष्य में रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग मजबूत होगा। साथ ही भारत के पेशेवरों एवं प्रशिक्षित श्रमिकों के लिए भी रोजगार के मौके बढ़गे। सूत्रों की मानें तो भारत की कोशिश होगी की मुक्त व्यापार समझौते के दायरे में कुछ रक्षा तकनीकों को भी शामिल करने का प्रयास किया जाए। कई ऐसी रक्षा सामग्री वहां बनती हैं जो दोहरे यानि रक्षा और गैर रक्षा महत्व की हैं। ऐसी तकनीकें भारत के लिए वह महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

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इसके अलावा भारत इजराइल से रक्षा अनुसंधान को लेकर भी कुछ नये समझौते कर सकता है। भारत की यह भी कोशिश है कि मेक इन इंडिया के तहत इस्राइल की कंपनिया भारत में निवेश करें। यह समझौता इन क्षेत्रों में भी साझेदारी को बढाएगा। भारतीयों के लिए दोनों देशों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर भारत-इजराइल व्यापार शिखर सम्मेलन में इजराइल की कंपनियों ने भारत में निवेश करने की इच्छा जताई है। काफी कंपनियां आने वाले दिनों में समझौते भी करेंगे, लेकिन मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद दोनों देशों की कंपनियों के लिए एक-दूसरे के यहां कारोबार करना आसान होगा। इससे भारतीयों के लिए दोनों देशों (भारत-इजराइल) में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। समझौते के बाद रक्षा, साइबर सुरक्षा, ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी, कृषि, क्वांटम कंप्यूटिंग, फार्मास्यूटिकल, अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में इजराइल की कंपनियों का आगमन होगा। इससे भारत में प्रतिभाशाली युवाओं के लिए तेजी से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। श्रम शक्ति उपलब्ध कराएगा भारत इसके साथ ही, समझौते के तहत भारत प्रशिक्षित श्रम शक्ति इजराइल को उपलब्ध कराएगा। इससे भारत के डॉक्टर, नर्स, विभिन्न क्षेत्रों के इंजीनियरों और प्रबंधकों के लिए आसानी से इजराइल में रोजगार के अधिक उपलब्ध होंगे। अभी तक भारतीयों के लिए सीमित संख्या में और कुछ ही क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं लेकिन समझौते के तहत इजराइल भारतीयों के लिए नियमों में बदलाव कर उनमें ढिलाई देगा। कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक मिल सकेंगी पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते के तहत किसानों और मछुआरों को सबसे अधिक फायदा होगा। क्योंकि ड्रिप विधि से सिंचाई करने की इजरायल के पास उन्नत तकनीक है, जिन्हें सस्ती दर पर भारत लाने में मदद मिलेगी। इस तरह से कृषि क्षेत्र में इजरायल के पास कई सारी तकनीक हैं, जिन्हें भारत लाने में मदद मिलेगी। शून्य हो सकता है आयात शुल्क समझौते के तहत दोनों देश आयात शुल्क शून्य करेंगे, जिससे कम शुल्क पर एक-दूसरे के बाजार में उत्पाद एवं सेवाओं पहुंची सुनिश्चित हो सके। साथ ही, गैर शुल्क बाधाओं को दूर करेंगे। जैसे भारत आम, दूध, केला या कोई अन्य उत्पाद इजरायल भेजना है, तो उसकी मंजूरी में लगने वाले समय को कम किया जाएगा। इसी तरह से इजरायल भी नियमों में बदलाव करेगा। इससे व्यापार को गति मिलेगी। समझौते के तहत होने वाले बदलाव 1. बाजार पहुंच: दोनों देश मिलकर वस्तु एवं सेवाओं पर लगने वाले शुल्कों में कटौती करेंगे। इससे सस्ती दरों में उत्पाद एवं सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी। भारत-इजरायल की तकनीक का लाभ उठा सकेगा। 2. निवेश: दोनों देशों की कंपनियां एक-दूसरे देश में जाकर निवेश कर सकेंगे। इसके लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा। इससे भारतीयों के लिए इजरायल में नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे। 3. कस्टम ड्यूटी: समझौते के तहत कस्टम ड्यूटी से जुड़े नियमों की समीक्षा की जाएगी और उन बाधाओं को दूर किया जाएगा, जो वस्तु एवं सेवाओं के आदान-प्रदान में रुकावट पैदा करती हैं। होने वाले संभावित लाभ 1. भारतीयों के लिए रोजगार के अवसर: समझौते के तहत भारत अपने यहां से प्रशिक्षित लोगों को इजरायल भेजेगा। इनमें डॉक्टर, नर्स, इंजीनियर और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल होंगे। 2, सेवा क्षेत्र: सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे सेवा क्षेत्र को लाभ पहुंचेगा। 3. अन्य क्षेत्रों को लाभ: रक्षा, साइबर सुरक्षा, ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी, कृषि, क्वांटम कंप्यूटिंग, फार्मास्यूटिकल, अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में तकनीक का आदान-प्रदान होगा। भारत को सबसे अधिक लाभ होगा। भारत-इजरायल के बीच मौजूदा व्यापार : - दोनों देशों के बीच लगभग 4.7 अरब डॉलर का वार्षिक व्यापार होता है। इसमें से करीब एक-तिहाई व्यापार सेवाओं से जुड़ा - अप्रैल, 2000 से जून, 2025 के बीच भारत को इजरायल से कुल 337.77 मिलियन डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ - बीते 10 वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 90 फीसदी बढ़ा - वर्ष 2015-2016 में व्यापार 2.5 अरब डॉलर था, जो 2023-2024 में बढ़कर 4.7 अरब डॉलर हो गया - 10 वर्षों में इजरायल से भारत को होने वाला निर्यात 123 फीसदी बढ़ा, जबकि भारत से इजरायल का आयात 40 फीसदी बढ़ा इजरायल में मिल सकता है बड़ा मेट्रो प्रोजेक्ट केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इजरायल तेल अवीव में 4.5 लाख करोड़ की मेट्रो परियोजना पर काम कर रहा है। इजरायल चाहता है कि भारत की कंपनियां प्रोजेक्ट को पूरा करेगा। इसके लिए आठ-10 भारतीय कंपनियों ने इजरायल का दौरा भी किया है। कोशिश है कि यह परियोजना भारतीय कंपनियों को मिले। ----------- मंत्रियों के बयान इजरायल के लिए निवेश की बड़ी संभावनाएं : गोयल गोयल ने कहा कि इजरायल के पास दुनिया की बेहतरीन तकनीक है, जबकि भारत के पास दुनिया के सबसे अधिक प्रतिभाशील युवा हैं। ऐसे में भारत में इजरायल के लिए निवेश की बड़ी संभावना है। गोयल ने इजरायली कंपनियों के प्रमुखों से कहा कि भारत एक बड़ा बाजार है और 140 करोड़ की आबादी वाला देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में से एक है। एशिया में भारत सबसे अहम: बरकात इजरायल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकात ने कहा कि भारत में हमारे लिए सबसे बड़े अवसर हैं। भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां इजरायल में आकर निविदाओं में भाग ले सकती हैं। इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का बड़ा माध्यम है। दुनिया का 59% व्यापार एशिया पर निर्भर है, इसमें भारत सबसे अहम है।