केंद्र सरकार ने पीएनजी पाइपलाइन विस्तार के लिए नया ढांचा तैयार किया
भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में हो रहे हालात पर नजर रखने के साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में तैयारियों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026' के तहत पाइपलाइन बिछाने और विस्तार के लिए एक सुव्यवस्थित फ्रेमवर्क बनाया गया है। घरेलू और कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रही है। साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में तैयारियों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है। केंद्र सरकार ने पाइपलाइन बिछाने और विस्तार के लिए 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026' को अधिसूचित कर दिया है, जिससे पाइपलाइन बिछाने और उनके विस्तार के लिए एक सरल और सुव्यवस्थित फ्रेमवर्क उपलब्ध कराया गया है। मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि इस आदेश से पीएनजी नेटवर्क के विकास में तेजी आएगी। एलपीजी आपूर्ति पर असर से निपटने के लिए भी सरकार ने कई उपाय किए हैं।
मंत्रालय ने कहा कि देश में किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर पर स्टॉक खत्म होने की स्थिति नहीं आई है। ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर लगभग 98% तक पहुंच गई है। गड़बड़ी रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी लगभग 93% तक पहुंच गई है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। 11 अप्रैल, 2026 को 52.3 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति की गई। सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति भी बढ़ाई है, जिसकी कुल आवंटन मात्रा संकट-पूर्व स्तर के करीब 70% तक पहुंच गई है, जिसमें 10% सुधार-आधारित आवंटन शामिल है। मजदूरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 5 किलो के एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडरों की दैनिक उपलब्धता को हर राज्य में दोगुना कर दिया गया है। ये सिलेंडर राज्य सरकारों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


