Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsIndia Emerging as a Fast-Growing Economy Set to Become Third Largest Nirmala Sitharaman
जल्द तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे

जल्द तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे

संक्षेप:

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार 2.5 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने में सफल रही है और बैंकों की स्थिति पहले से मजबूत हुई है।

Tue, 4 Nov 2025 07:09 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि भारत वैश्विक मंच पर आज एक तीव्र गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है और शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। सीतारमण ने यहां दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज अपनी आर्थिक ताकत के दम पर अपने पैरों पर खड़ा है। हमें जो सबसे अलग बनाता है, वह 2014 में 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से अब पांचवीं और फिर चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है। संभवतः जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने वाले हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

उन्होंने कहा कि सरकार अब तक 2.5 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी की स्थिति से बाहर निकालने में सफल रही है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर जैसे कई मानदंड शामिल होते हैं। वित्त मंत्री ने बैंकों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बही-खाते सात-आठ साल पहले की 'दोहरी बही-खाता समस्या' की तुलना में काफी मजबूत हो चुके हैं। दोहरी बही-खाता समस्या का मतलब बैंकों और उद्योगों दोनों पर भारी वित्तीय दबाव होने से है। इसमें जहां अधिक कर्ज के कारण कंपनियां ऋण चुकाने में चूक करती हैं, वहीं इससे बैंकों का एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) बढ़ती है। इसके साथ ही सीतारमण ने भरोसा जताया कि सरकार चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4 प्रतिशत राजकोषीय घाटे के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहेगी। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत यानी 15.69 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है।