भारत रूसी तेल खरीदना जारी रखेगा : पेट्रोलियम मंत्रालय

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

नई दिल्ली, एजेंसी। पेट्रोलियम मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदता रहा है और आगे भी करेगा। कच्चे तेल खरीदने के फैसले मुख्य रूप से कॉमर्शियल बातों पर निर्भर करते हैं। रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के बावजूद, भारत के लिए यह एक मुख्य आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

भारत रूसी तेल खरीदना जारी रखेगा : पेट्रोलियम मंत्रालय

नई दिल्ली, एजेंसी। पेट्रोलियम मंत्रालय की एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट मिले या न मिले, भारत रूसी तेल खरीदता रहा है, और आगे भी जारी रखेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल खरीदने के फैसले मुख्य रूप से कॉमर्शियल बातों और पर्याप्त सप्लाई की उपलब्धता से तय होते हैं। उन्होंने कहा कि खरीदारी करने के लिए हमारे पास कॉमर्शियल समझ होनी चाहिए। साथ ही कहा कि भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है और लंबी अवधि के समझौतों के जरिए पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है।

रूसी कच्चे तेल की बिक्री

रूसी कच्चे तेल की बिक्री और डिलीवरी की अनुमति देने वाली यूएस प्रतिबंधों में अस्थायी छूट 16 मई को खत्म हो गई। वर्ष 2022 में मॉस्को के यूक्रेन पर हमले के कारण पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। रूस के पारंपरिक निर्यात बाजार बाधित हो गए थे, तब से भारत रियायती दरों पर रूस से कच्चा तेल ले रहा है।

भारत के लिए मुख्य आपूर्तिकर्ता

हाल के महीनों में, यूएस ने कुछ रूसी संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें उसके सबसे बड़े कच्चे तेल सप्लायर रोसनेफ्ट और लुकोइल शामिल हैं। इसके बावजूद, रूस भारत के लिए एक मुख्य आपूर्तिकर्ता बना रहा, जिसमें खरीद के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि कोई भी प्रतिबंधित विक्रेता या बिचौलिया शामिल न हो। साथ ही प्रतिबंधित जहाजों का इस्तेमाल न हो और सभी वित्तीय, बीमा और व्यापारिक चैनल पूरी तरह से नियमों के मुताबिक हों।

मई में आयात आंकड़े

कप्लेर के आंकड़ों के अनुसार, मई में भारत में रूसी तेल का आयात औसतन लगभग 1.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहने की उम्मीद है, जो कि रिकॉर्ड स्तर के करीब है। इन आंकड़ों में वे खेपें भी शामिल हैं, जिन्हें अमेरिका द्वारा दी गई अस्थायी प्रतिबंध छूट के तहत मंगाया गया था।

सामान्य प्रश्न

भारत ने रूसी तेल का आयात क्यों जारी रखा है?
भारत ने रूसी तेल का आयात जारी रखा है क्योंकि कच्चे तेल खरीदने के फैसले मुख्य रूप से कॉमर्शियल बातों और पर्याप्त सप्लाई की उपलब्धता से तय होते हैं।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।