केंद्र ने ग्रीन अमोनिया, मेथनॉल के लिए मानक घोषित किए
केंद्र सरकार ने ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ के तहत ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल के लिए मानकों की घोषणा की है। अमोनिया और मेथनॉल को ‘ग्रीन’ के रूप में वर्गीकृत करने के लिए नवीकरणीय स्रोतों से हरित हाइड्रोजन का इस्तेमाल अनिवार्य है। ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में उत्सर्जन मानकों को भी निर्धारित किया गया है।

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्र सरकार ने शनिवार को ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ के तहत ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल के लिए मानकों की घोषणा की। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में यह जानकारी दी। बताया कि अमोनिया और मेथनॉल को ‘ग्रीन’ के रूप में वर्गीकृत करने के लिए मानकों का पूरा होना अनिवार्य किया गया है। इसके तहत इनका उत्पादन नवीकरणीय स्रोत से मिले हरित हाइड्रोजन का इस्तेमाल करके ही हुआ होना चाहिए। मंत्रालय ने बताया कि ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन, अमोनिया संश्लेषण, शुद्धिकरण आदि में होने वाला उत्सर्जन प्रति किलोग्राम अमोनिया के लिए 0.38 किलो सीओ से अधिक नहीं होना चाहिए।
इसी तरह ग्रीन मेथनॉल के लिए कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन प्रति किलो मेथनॉल के लिए 0.44 किलो सीओ से अधिक नहीं होना चाहिए।बताया कि मंत्रालय समय-समय पर कार्बन डाइऑक्साइड के योग्य स्रोत में बदलाव कर सकती है। ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल के पैमाने, निगरानी, स्थलीय सत्यापन, प्रमाणन के विस्तृत तरीके अलग से जारी किए जाएंगे।
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