भारत-दक्षिण कोरिया ने व्यापार घाटे को कम करने पर सहमति जताई
भारत और दक्षिण कोरिया ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत व्यापार घाटे की समस्या को हल करने पर सहमति व्यक्त की है। दोनों देशों ने डिजिटल व्यापार, आपूर्ति शृंखला और औद्योगिक सहयोग में सहयोग बढ़ाने के लिए उप-समूह गठित करने का निर्णय लिया है। यह मुद्दा भारत-कोरिया सीईपीए के उन्नयन की वार्ता में उठाया गया था।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत और दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय व्यापार समझौते के समग्र ढांचे के भीतर दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार घाटे की समस्या को दूर करने पर सहमत हुए हैं। वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। दोनों देशों ने डिजिटल व्यापार, आपूर्ति शृंखला और रणनीतिक औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए उप-समूह गठित करने का भी फैसला किया है। यह मुद्दा भारत-दक्षिण कोरिया व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) के उन्नयन को लेकर हुई 12वें दौर की वार्ता में उठा। यह समझौता जनवरी, 2010 में लागू हुआ था। मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने माना कि 2010 में भारत-कोरिया सीईपीए लागू होने के बाद से भारत का द्विपक्षीय व्यापार घाटा काफी बढ़ा है और इस मुद्दे को सीईपीए के समग्र ढांचे के भीतर हल करने पर सहमति बनी है।
दक्षिण कोरिया को भारत का निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में 3.31 प्रतिशत बढ़कर छह अरब डॉलर हो गया, जो 2024-25 में 5.81 अरब डॉलर था। हालांकि, 2022-25 के दौरान निर्यात वृद्धि नकारात्मक रही थी। इसी अवधि में आयात 1.38 प्रतिशत बढ़कर 21.35 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 21 अरब डॉलर था।
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