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भारत-पाकिस्तान ने साझा की परमाणु प्रतिष्ठानों और कैदियों की सूची

भारत-पाकिस्तान ने साझा की परमाणु प्रतिष्ठानों और कैदियों की सूची

संक्षेप:

भारत और पाकिस्तान ने नए साल के पहले दिन परमाणु प्रतिष्ठानों और कैदियों की सूचियों का आदान-प्रदान किया। यह प्रक्रिया 1988 के समझौते के तहत होती है। भारत ने 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों की सूचियां दीं, जबकि पाकिस्तान ने 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों की सूचियां साझा की।

Jan 01, 2026 05:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। नए साल के पहले दिन भारत और पाकिस्तान ने अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची और एक-दूसरे के कैदियों की सूची का आदान-प्रदान किया। दोनों देशों के बीच पूर्व में हुए समझौतों के तहत हर साल एक जनवरी को यह जानकारी परस्पर साझा की जाती है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर ये जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजनयिक चैनलों के माध्यम से दिल्ली और इस्लामाबाद में यह सूची साझा की गई है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की सूची का आदान-प्रदान किया जो भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं पर हमले की निषेध संबंधी समझौते के तहत आते हैं।

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बयान के अनुसार इस समझौते पर 31 दिसंबर 1988 को हस्ताक्षर किए गए थे और 27 जनवरी 1991 से यह प्रभावी हुआ था। इसमें कई अन्य बातों के अलावा यह भी प्रावधान है कि दोनों देश प्रत्येक वर्ष एक जनवरी को एक-दूसरे को समझौते के अंतर्गत आने वाले परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की जानकारी देंगे। दोनों देशों के बीच यह लगातार 35वां आदान-प्रदान है, पहला आदान-प्रदान एक जनवरी 1992 को हुआ था। इसी प्रकार 2008 के द्विपक्षीय कांसुलर एक्सेस समझौते के प्रावधानों के तहत भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को ही राजनयिक चैनलों के माध्यम से नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान भी किया। भारतीय कैदियों को मिले का काउंसलर एक्सेस बयान के अनुसार भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों की सूचियां सौंपी हैं, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का संदेह है। पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों की सूचियां साझा की हैं, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का संदेह है। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान की हिरासत से नागरिक कैदियों, मछुआरों और उनकी नौकाओं को शीघ्र रिहा करने और स्वदेश वापस भेजने का आह्वान किया है। पाकिस्तान से यही भी आग्रह किया है कि वह अपनी सजा पूरी कर चुके 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाए। पाकिस्तान से यह भी अनुरोध किया गया है कि वह अपनी हिरासत में मौजूद 35 नागरिक कैदियों और मछुआरों को तत्काल काउंसलर पहुंच प्रदान करे, जिनके भारतीय होने का संदेह है और जिन्हें अभी तक काउंसलर पहुंच प्रदान नहीं की गई है। भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करे पाक भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि सभी भारतीय और भारतीय होने के संदेह वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की रिहाई और भारत में स्वदेश वापसी होने तक उनकी सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित किया जाए। मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों से 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2661 भारतीय मछुआरे और 71 भारतीय नागरिक कैदी स्वदेश वापस लाए जा चुके हैं। इसमें 2023 से अब तक पाकिस्तान से स्वदेश वापस लाए गए 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय नागरिक कैदी शामिल हैं।