Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsIndia Aims to Reduce Dependence on China for Rare Earth Production with New Incentive Plan
दुर्लभ खनिजों के लिए प्रोत्साहन योजना जल्द आएगी

दुर्लभ खनिजों के लिए प्रोत्साहन योजना जल्द आएगी

संक्षेप: चार कॉलम लगाएं आंकड़ा 07 हजार करोड़ की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन

Mon, 3 Nov 2025 05:51 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता भारत दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ मैग्नेट) के मामले में अपनी निर्भरता चीन व अन्य देशों पर खत्म करने की कोशिशों में जुटा है। देश के अंदर रेयर अर्थ उत्पादन को गति देने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही एक प्रोत्साहन योजना को मंजूरी देने जा रही है। बताया जा रहा है कि करीब सात हजार करोड़ रुपये की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना का मसौदा तैयार किया गया है, जिसे आने वाले दिनों में कैबिनेट से मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीनीकरण ऊर्जा, रक्षा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

सूत्रों का कहना है कि योजना के जरिए करीब पांच कंपनियों को रेयर अर्थ मैग्नेट के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। भारी उद्योग मंत्रालय प्रोत्साहन योजना पर लंबे समय से काम कर रहा है। अब अंतिम चरण की चर्चा के बाद योजना को मंजूरी दी जानी है। इसलिए संभावना है कि योजना के लिए निर्धारित की गई धनराशि में थोड़ा-बहुत बदलाव किया जा सकता है। हालांकि अब सरकार चाहती है कि रेयर अर्थ उत्पादन के कार्य में ज्यादा देरी न हो। इसलिए संभावना है कि इस महीने के अंदर प्रोत्साहन योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी जाए। मौजूदा समय में भारत दुनिया के कई देशों के जरिए रेयर अर्थ मैग्नेट की आपूर्ति को बनाए हुए है। इस वर्ष की शुरुआत में चीन द्वारा रेयर अर्थ की सप्लाई को रोका गया था लेकिन अप्रैल में उसकी तरफ से रेयर अर्थ की सप्लाई के लिए लाइसेंस जारी किए, जिसमें किसी भारतीय कंपनी को लाइसेंस नहीं मिला था। ऐसे में भारत चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने में जुटा है। बॉक्स -- उत्पादन चुनौतीपूर्ण क्यों ? मौजूदा समय में बिना किसी सरकारी मदद के देश के अंदर रेयर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन करना चुनौतीपूर्ण है। निजी क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां रेयर अर्थ उत्पादन को फायदे का सौदा नहीं मानती है। क्योंकि उत्पादन में खर्च काफी लगता है। दूसरे अभी भारत के पास सीमित तकनीक है। ऐसे में भारत में बिना सरकारी मदद के उत्पादन संभव नहीं है। इसलिए सरकार योजना लेकर आ रही है,जिसके जरिए निजी क्षेत्र की कंपनियों को रेयर अर्थ की उत्पादन पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। दुनिया में रेयर अर्थ मैग्नेट के उत्पादन से जुड़ी सबसे उन्नत तकनीक चीन के पास है, जो दुनिया की जरूरत का 80 फीसदी से अधिक रेयर अर्थ का उत्पादन करता है।