Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsIndia-Afghanistan Air Cargo Services to Boost Bilateral Trade
भारत-अफगानिस्तान के बीच जल्द शुरू होगी हवाई मालवाहक सेवाएं : विदेश मंत्रालय

भारत-अफगानिस्तान के बीच जल्द शुरू होगी हवाई मालवाहक सेवाएं : विदेश मंत्रालय

संक्षेप:

भारत और अफगानिस्तान के बीच हवाई माल ढुलाई सेवाएं जल्द शुरू होंगी। दोनों देशों ने व्यापार प्रतिनिधियों की नियुक्ति का निर्णय लिया है, जिससे व्यापार में वृद्धि हो सकेगी। वर्तमान में द्विपक्षीय व्यापार एक अरब डॉलर का है, जिसे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Fri, 21 Nov 2025 04:46 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत और अफगानिस्तान के बीच हवाई माल ढुलाई सेवाएं बहुत जल्द शुरू होंगी। इसके अलावा, दोनों देश अपनी-अपनी राजधानी में एक-दूसरे के दूतावासों में विशेष व्यापार प्रतिनिधि नियुक्त करेंगे। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार को और बढ़ावा मिल सकेगा। विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव आनंद प्रकाश ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। तालिबान सरकार के व्यापार मंत्री अल-हज नूरुद्दीन अजीजी की भारत यात्रा के दौरान प्रकाश ने बताया, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि काबुल-दिल्ली और काबुल-अमृतसर मार्गों पर हवाई माल ढुलाई गलियारा सक्रिय हो गया है। वहीं दोनों देश एक-दूसरे के दूतावासों में विशेष व्यापार प्रतिनिधि नियुक्त करेंगे।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

प्रकाश ने कहा, ये निर्णय गुरुवार को अजीजी और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के बीच हुई बैठक में लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब एक अरब डॉलर का है, लेकिन इसमें बढ़ोतरी की काफी गुंजाइश है। चाबहार और सरल बैंकिंग पर चर्चा अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ये कदम द्विपक्षीय व्यापार को 2021 से पहले के 1.8 अरब डॉलर के स्तर से भी ऊपर ले जाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके लिए चाबहार बंदरगाह मार्ग को पूरी तरह चालू करने, कस्टम और बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। व्यापार में तेजी लाने पर जोर -तालिबान ने व्यापार वीजा तेजी से जारी करने, चाबहार बंदरगाह से नियमित शिपिंग लाइन शुरू करने, निमरूज प्रांत में ड्राई पोर्ट विकसित करने और न्हावा शेवा बंदरगाह पर अफगान माल की आयात-निर्यात प्रक्रिया आसान करने का आग्रह किया। -दोनों पक्षों ने फार्मास्यूटिकल्स, कोल्ड स्टोरेज चेन, फल प्रसंस्करण इकाइयों, औद्योगिक पार्कों, एसएमई सेंटर और एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन में संयुक्त निवेश को बढ़ावा देने पर भी सहमति जताई।