एनसीआरबी: बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों में 90% मामले अश्लील सामग्री से जुड़े
बीते एक साल में बच्चों के खिलाफ अपराध पांच प्रतिशत बढ़े हैं। 2024 में बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में 1,238 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 1,099 मामले अश्लील सामग्री के प्रकाशन से जुड़े थे। बच्चों के खिलाफ कुल अपराध 1,87,702 मामले थे, जो 2023 के मुकाबले 5.8 प्रतिशत अधिक हैं।

- बीते एक साल में बच्चों के खिलाफ अपराध पांच प्रतिशत बढ़े नई दिल्ली, एजेंसी। देश में बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों का स्वरूप लगातार गंभीर होता जा रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में 10 में से नौ मामले अश्लील सामग्री के प्रसारण से संबंधित थे।
साइबर अपराधों के आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, 2024 में बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों से जुड़े 1,238 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 1,099 मामले बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण से जुड़े थे। राज्यवार आंकड़ों में छत्तीसगढ़ 268 मामलों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद राजस्थान में 174, दिल्ली में 151, उत्तर प्रदेश में 137 और केरल में 92 मामले दर्ज किए गए।
बच्चों के खिलाफ अपराध बढ़े
वर्ष 2024 में देशभर में बच्चों के खिलाफ अपराधों के कुल 1,87,702 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के मुकाबले 5.8 प्रतिशत अधिक हैं। हालांकि, पिछले चार वर्षों में कुल अपराधों में करीब 10.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 2020 में कुल अपराधों के 66.01 लाख मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में घटकर 58.86 लाख रह गए। इसके विपरीत बच्चों के खिलाफ अपराध 2020 के 1,28,531 मामलों से बढ़कर 2024 में 1,87,702 तक पहुंच गए यानी लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पॉक्सो के मामलों में लड़कियों की संख्या
एनसीआरबी के अनुसार, 2024 में पॉक्सो अधिनियम के तहत 69,191 मामले दर्ज किए गए। धारा 4 और 6 के तहत दर्ज 44,567 पीड़ितों में 43,675 लड़कियां थीं यानी कुल पीड़ितों का 98 प्रतिशत। लड़कों की संख्या 892 रही। 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में सबसे अधिक 23,497 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 99.5 प्रतिशत पीड़ित लड़कियां थीं।
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