Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsIncrease in CCTV Cameras in Delhi for Women s Safety
 सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाएगा पीडब्ल्यूडी

सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाएगा पीडब्ल्यूडी

संक्षेप:

दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है जहां कैमरे लगने की आवश्यकता है। दिल्ली पुलिस को कैमरों की फुटेज देखने का अधिकार दिया जाएगा। 2020 में लगाए गए 2.80 लाख कैमरों में से कम कैमरे लगे स्थानों पर जल्द कैमरे लगाए जाएंगे।

Nov 21, 2025 08:36 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए ऐसी जगहों को चिन्हित किया जा रहा है जहां कैमरे लगाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही इन कैमरों की फुटेज देखने का अधिकार जल्द ही दिल्ली पुलिस को भी दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा अभी तक पुलिस को 12 हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई जा चुकी हैं जिनकी मदद से अपराध को सुलझाने में मदद मिली है। जानकारी के अनुसार राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2020 में तत्कालीन सरकार ने सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे।

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दिल्ली में पीडब्ल्यूडी द्वारा कुल 2.80 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। हाल ही में सरकार ने जब इन कैमरों को लेकर जानकारी जुटाई तो पता चला कि कुछ विधानसभाओं में कम कैमरे लगे हुए हैं। ऐसी जगहों पर जल्द ही कैमरे लगवाए जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों का प्रबंधन कर रही मौजूदा कंपनी के विस्तार का प्रस्ताव भी सरकार को सहमति के लिए भेजा गया है। हाल ही में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक समीक्षा बैठक की गई थी, जिसमें सीसीटीवी सुधार योजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी दो निर्देश दिए हैं कि बचे हुए 7300 सीसीटीवी कैमरे जल्द लगाए जाएं। उन्हें बताया गया कि पीडब्ल्यूडी द्वार लगाए गए कैमरों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली पुलिस को वह फुटेज उपलब्ध कराते हैं। 30 दिनों तक उनके कैमरे की फुटेज सुरक्षित रहती है। इन कैमरों की देखरेख की जिम्मेदारी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा की जाती है और उनके कार्य को दो वर्ष का विस्तार देने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा गा है।