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2 दिसंबर, 2020|2:59|IST

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राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आप विधायकों में असमंजस, क्रॉस वोटिंग संभव

राष्ट्रपति चुनाव का लेकर आम आदमी पार्टी असमंजस की स्थिति में है। पार्टी ने इस बाबत अभी तक कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है। खास बात है कि न तो एनडीए और न ही संप्रग, किसी ने भी राष्ट्रपति चुनाव में आप से समर्थन मांगा है। आप सूत्रों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अब पार्टी विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करने की संभावना बढ़ती जा रही है। दिल्ली में आप विधायक और पंजाब में आप के सहयोगी दल के विधायक एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद को वोट दे सकते हैं। फिलहाल ऐसे विधायकों की संख्या दो दर्जन से अधिक बताई जा रही है। बता दें कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने के लिए अभी तक न तो आम आदमी पार्टी के विधायकों और न ही राजनीति मामलों की कमेटी (पीएसी) की कोई बैठक हुई है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि दिल्ली के आप के दो दर्जन विधायक एनडीए प्रत्याशी का समर्थन कर सकते हैं। इनमें ज्यादातर वे विधायक शामिल हैं, जो नगर निगम चुनाव के बाद पार्टी में मचे बवाल के दौरान कुमार विश्वास के संपर्क में थे। इसके अलावा बवाना के विधायक ने भाजपा ज्वाइन करने की घोषणा की थी। इसके अलावा आप से निलंबित पूर्व मंत्री एवं विधायक कपिल मिश्रा और देवेंद्र सहरावत ने भी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। साथ ही आप विधायक पंकज पुष्कर जो कि शुरू से ही योगेंद्र यादव का दामन थामे हैं, उनकी भी ऐसी संभावना कम है कि वे आप का निर्देश मानेंगे। बताया जा रहा है कि कई आप विधायक कपिल मिश्रा के संपर्क में भी हैं। ये वो विधायक हैं जो कुमार विश्वास प्रकरण के दौरान कपिल के साथ रहे थे। दूसरी तरफ पंजाब में भी आप के पास जो 22 विधायक हैं, उनमें दो विधायक लोक इंसाफ पार्टी के हैं। इस पार्टी ने आप के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था। दोनों विधायक बलविंद्र सिंह बैंस और सिमरजीत सिंह बैंस राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आप के साथ खड़े होते नहीं दिख रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इन विधायकों की पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठक हुई है। इस बात की पूरी संभावना है कि ये दोनों विधायक एनडीए प्रत्याशी को अपना वोट देंगे। आप नेताओं का कहना है कि पार्टी इस मामले में अभी विचार-विमर्श कर रही है। पार्टी ने कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया है। राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए गठित निवार्चक मंडल में आप के चार सांसद और 85 विधायक शामिल हैं। इनके कुल मतों का मूल्य लगभग 9000 है। यह अलग बात है कि आप के वोटों का प्रतिशत राष्ट्रपति चुनाव के कुल मतों के हिसाब में एक फीसदी भी नहीं बैठता है। पार्टी का झुकाव संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) उम्मीदवार मीरा कुमार की तरफ राष्ट्रपति चुनाव में आप का झुकाव संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) उम्मीदवार मीरा कुमार की तरफ दिख रहा है। हालांकि अभी तक संप्रग की ओर से आप के पास समर्थन देने का कोई प्रस्ताव नहीं आया है। कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी दलों की जो बैठक बुलाई थी, उसमें भी आप को न्यौता नहीं दिया गया था। खास बात है कि भाजपा व उसके सहयोगी दलों वाले राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने भी आप से इस चुनाव में समर्थन नहीं मांगा है। राजग प्रत्याशी रामनाथ कोविंद और संप्रग उम्मीदवार मीरा कुमार दोनों ही अपने-अपने लिए सांसदों एवं विधायकों का समर्थन जुटाने के लिए विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहे हैं। उनके इस दौरे की सूची में दिल्ली शामिल नही है। अभी तक न तो रामनाथ कोविंद और न ही मीरा कुमार की ओर ऐसा कोई संकेत मिला है कि वे आप का समर्थन मांगने के लिए पार्टी के सांसदों और विधायकों से मिलेंगे। दूसरी ओर, आप के राष्ट्रीय स्तर के कुछ पदाधिकारियों का कहना है कि वे भाजपा प्रत्याशी कोविंद का समर्थन तो कतई नहीं करेंगे। मीरा कुमार के नाम पर पार्टी सोच सकती है।

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  • Web Title:in president election, aap mla have possibilty to cross voting