नींद आते ही वाइब्रेट होगा स्टीयरिंग
आईआईटी मंडी के शोधार्थियों ने ‘सेफ डैश’ विकसित किया है यह तकनीक ड्राइवर की आंख-पलकों के पैटर्न को मॉनिटर करती है। यह प्रणाली नींद और थकान का पता लगाकर सड़क हादसों को रोकने में मदद करती है। अलर्ट तीन स्तरों पर होते हैं, जिससे ड्राइवर तुरंत सतर्क हो जाता है।

आईआईटी मंडी के शोधार्थियों ने ‘सेफ डैश’ विकसित किया है यह तकनीक ड्राइवर की आंख-पलकों के पैटर्न को मॉनिटर करती है
सुरक्षा प्रणाली का विकास
मंडी, एजेंसी। आईआईटी मंडी के शोधार्थियों ने एक नया सुरक्षा सिस्टम ‘सेफ डैश’ विकसित किया है, जो ड्राइविंग के दौरान नींद और थकान का पता लगाकर सड़क हादसों को रोकने में मदद करेगा।
विशेष रूप से बस और ट्रक ड्राइवरों के लिए
यह सिस्टम खासतौर पर बस और ट्रक ड्राइवरों के लिए बनाया गया है, जहां नींद आने से गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। यह तकनीक रियल-टाइम में ड्राइवर की आंखों की गतिविधि और पलक झपकने के पैटर्न को मॉनिटर करती है। जैसे ही सिस्टम को लगता है कि ड्राइवर को नींद आ रही है या वह ध्यान खो रहा है, यह तुरंत अलर्ट जारी करता है।
अलर्ट के स्तर
अलर्ट तीन स्तरों पर होता है, पहले चरण में चेतावनी दी जाती है, दूसरे में वॉइस कमांड के जरिए जागो जैसी आवाज सुनाई देती है और तीसरे चरण में स्टीयरिंग व्हील में वाइब्रेशन होता है, ताकि ड्राइवर तुरंत सतर्क हो जाए।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी
यह सिस्टम सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अक्सर थकान और नींद के कारण होने वाली मानवीय गलतियों से कई जानें जाती हैं, ऐसे में यह तकनीक एक प्रभावी समाधान साबित हो सकती है। यह डिवाइस मौजूदा वाहनों में भी लगाया जा सकता है, जिससे इसे व्यापक स्तर पर इस्तेमाल करना आसान होगा。
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