
सीए छात्रों को प्रशिक्षण के दौरान ई डायरी में काम का ब्यौरा दर्ज करना अनिवार्य
- आईसीएआई ने कहा कि ई-डायरी में दर्ज करना होगा उपस्थिति और विवरण
देश-दुनिया में तेजी से हो रहे डिजिटल बदलाव को देखते हुए भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई)आर्टिकल्ड ट्रेनिंग कर रहे सीए छात्रों को अपनी उपस्थिति और किए गए कार्यों का विवरण दर्ज करने का निर्देश दिया है। छात्र इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ई-डायरी में इसे दर्ज करन सकते हैं। नए वर्ष में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शुरू करने वाले सभी सीए छात्रों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। सीए छात्र किसी अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट (जिसे प्रिंसिपल कहा जाता है) के अधीन प्रशिक्षण लेते हैं। जिसमें छात्र ऑडिट, टैक्सेशन (आयकर, जीएसटी), अकाउंटिंग, कंपनी कानून, फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और कंसल्टेंसी जैसे कार्यों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होते हैं।
उसे आर्टिकल्ड ट्रेनिंग कहा जाता है। संस्थान का कहना है कि ई-डायरी (डिजिटल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग डायरी) के जरिए तकनीक का उपयोग करते हुए ट्रेनिंग में एकरूपता, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल आईसीएआई के बोर्ड ऑफ स्टडीज और स्टूडेंट सर्विसेज निदेशालय द्वारा की गई है, ताकि छात्रों की स्किल मैपिंग हो सके और ट्रेनिंग की गुणवत्ता बेहतर बने। आईसीएआई के अध्यक्ष सीए चरणजीत सिंह नंदा ने कहा कि ई-डायरी से छात्रों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का डिजिटल और प्रमाणित रिकॉर्ड बनेगा। इससे समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और ट्रेनिंग अधिक व्यवस्थित व भविष्य के अनुरूप बनेगी। इससे छात्रों को प्रिंसिपल दोनों को लाभ होगा। पूरे देश में छात्र देशभर में एक समान और गुणवत्तापूर्ण ट्रेनिंग के साथ स्वयं की प्रगति और स्किल का आकलन कर सकेंगे। ऑडिट, टैक्सेशन और अन्य क्षेत्रों में बिताए गए समय की स्पष्ट जानकारी होगी और कागजी काम काज में कमी होगी।जबकि प्रिंसिपल छात्रों की ट्रेनिंग पर बेहतर निगरानी रख पाएंगे,डेटा के आधार पर कमजोरियों की पहचान कर पाएंगे और डिजिटल मंजूरी से प्रशासनिक बोझ कम होग। ई-डायरी की प्रमुख विशेषताएं -छात्र रोजाना अपनी उपस्थिति और किए गए कार्यों को डिजिटल रूप से दर्ज करेंगे। - स्टाइपेंड (वेतन) का विवरण भुगतान के बाद सिस्टम में दिखेगा। - हर 15 दिन में कार्य विवरण जमा करना होगा। - प्रिंसिपल (गाइड) उसे जांचकर सुधार सुझाएंगे, जिन्हें छात्र 7 दिन में ठीक कर दोबारा जमा करेंगे। - तय समय में मंजूरी न मिलने पर उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। - छात्र पुराने रिकॉर्ड देख, संपादित कर सकते हैं और मंजूरी की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं। - ई-डायरी में लॉग-इन एसएसपी (सेल्फ सर्विस पोर्टल) से होगा।

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