
सहकारी संस्थाओं की मजबूती में सीए की भूमिका अहम : भूपेंद्र यादव
भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) ने सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए चिंतन शिविर आयोजित किया। कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और सुशासन पर चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और सहकारी संस्थाओं में सुधार के लिए सुझाव दिए।
भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की ओर से सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कोऑपरेटिव चिंतन शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की विस्तारित भूमिका के माध्यम से भारत के आर्थिक भविष्य का रूपांतरण रहा। इस मंच पर सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और सुशासन को मजबूत करने पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और नैतिक आचरण के माध्यम से सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं में पेशेवर शासन व्यवस्था, समयबद्ध ऑडिट, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और तकनीक आधारित प्रणालियां अपनाने से जवाबदेही बढ़ेगी, आर्थिक मूल्य समुदायों के भीतर बना रहेगा और समावेशी तथा सतत आर्थिक विकास को बल मिलेगा। चिंतन शिविर के दौरान सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने पर आधारित एक अवधारणा पत्र का भी विमोचन किया गया, जिसमें शासन, वित्तीय पारदर्शिता, ऑडिट गुणवत्ता और क्षमता निर्माण में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की रणनीतिक भूमिका को रेखांकित किया गया। पैनल चर्चाओं में विशेषज्ञों ने सहकारी संस्थाओं में सुधार, जवाबदेही और पेशेवर दक्षता बढ़ाने पर विचार साझा किए। शिविर का समापन सहकारी पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने से जुड़े व्यावहारिक सुझावों और नीतिगत निष्कर्षों के साथ हुआ।

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