सड़क की राह देख रहा ‘गोलचक्कर’

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पश्चिमी हंगरी के जलाएगर्सजेग और जलासेंटिवान के बीच खेत में एक गोलचक्कर बना है। यह न तो किसी सड़क से जुड़ा है और न ही इसके आसपास कोई आबादी है। सरकार ने यहां एक कंटेनर टर्मिनल बनाने का वादा किया था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया।

सड़क की राह देख रहा ‘गोलचक्कर’

बुडापेस्ट, एजेंसी। पश्चिमी हंगरी के दो कस्बों, जलाएगर्सजेग और जलासेंटिवान के बीच खेत में एक गोलचक्कर बना है। ताज्जुब की बात यह है कि यह न तो किसी सड़क से जुड़ा है और न ही इसके आसपास कोई आबादी या इमारत है। सरकार ने यहां ‘मेट्रांस’ नामक कंपनी के लिए लॉजिस्टिक सेंटर और कंटेनर टर्मिनल बनाने का वादा किया था। योजना यह थी कि समुद्र से आने वाला सामान रेल के जरिये सीधे पड़ोसी देशों तक पहुंचेगा।

गोलचक्कर की आवश्यकता

टर्मिनल तक पहुंचने के लिए एक रास्ते और गोलचक्कर की जरूरत थी। स्थानीय नगरपालिका ने यूरोपीय संघ से फंड मांगा और 2023 तक 1.25 मिलियन यूरो (करीब 11 करोड़ रुपये) खर्च करके यह गोलचक्कर तैयार भी कर लिया। गड़बड़ तब हुई जब जिस मुख्य प्रोजेक्ट (कंटेनर टर्मिनल) के लिए यह बनाया गया था, उसका काम ही शुरू नहीं हो पाया।

तीन वर्षों से रुका काम

आज तीन साल बीत जाने के बाद भी गोलचक्कर सुनसान जगह पर अकेला खड़ा है। जिस रेल लाइन से इस टर्मिनल को जुड़ना था, उसका काम अभी कागज पर ही है। अगर काम शुरू होता है तो यह 2029 से पहले चालू नहीं हो पाएगा। फिलहाल, लोग इसे हंगरी के ‘अधूरे वादों’ का प्रतीक मान रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोलचक्कर किसके लिए बनाया गया था?
यह गोलचक्कर ‘मेट्रांस’ नामक कंपनी के लिए लॉजिस्टिक सेंटर और कंटेनर टर्मिनल बनाने के लिए बनाया गया था।
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