शनिवार से निगम क्षेत्र में 50 हजार कर्मचारी करेंगे हाउसिंग सर्वे
नगर निगम क्षेत्र में अगले एक माह तक किया जाएगा हाउसिंग सर्वेनई दिल्ली प्रमुख संवाददाता जनगणना के पहले चरण में हाउसिंग सर्वे का काम शनिवार से निगम क्षेत्र में शुरु होने जा रहा है। इस कार्य के लिए...

नगर निगम क्षेत्र में अगले एक माह तक किया जाएगा हाउसिंग सर्वे नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता
जनगणना के पहले चरण में हाउसिंग सर्वे का काम शनिवार से निगम क्षेत्र में शुरु होने जा रहा है। इस कार्य के लिए दिल्ली के 12 जिलों में 50 हजार से ज्यादा कर्मचारी तैनात किए गए हैं। यह कर्मचारी लोगों के घर जाकर हाउसिंग सर्वे में मौजूद 33 सवाल पूछेंगे और उस जानकारी को दर्ज करेंगे। वहीं जिन लोगों ने अपना हाउसिंग सर्वे ऑनलाइन भर दिया है, उनके द्वारा दी गई जानकारी को सत्यापित किया जाएगा। इसके लिए उन्हें फॉर्म जमा करने पर मिली आईडी इन कर्मचारियों को देनी होगी।
जनगणना की प्रक्रिया
दिल्ली में जनगणना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में बीते 16 अप्रैल से हाउसिंग सर्वे का कार्य शुरु हो चुका है।इसके पहले चरण में एनडीएमसी और दिल्ली छावनी क्षेत्र का सर्वे हुआ है जो नई दिल्ली जिला में आता है। इस क्षेत्र में हाउसिंग सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं नगर निगम क्षेत्र के 12 जिलों में शनिवार से हाउसिंग सर्वे शुरु होने जा रहा है। आगामी 14 जून तक जनगणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों द्वारा घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा।
सर्वे में आने वाली कठिनाइयाँ
एनडीएमसी क्षेत्र की सोसाइटी में कर्मचारियों को हाउसिंग सर्वे में दिक्कत आई, क्योंकि उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने निगम क्षेत्र की सोसाइटी के आरडब्ल्यू से अनुरोध किया है कि वह कर्मचारियों को सहयोग करें। जनगणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों की प्रामाणिकता की जांच के लिए, आम जनता उनके पहचान पत्र, नियुक्ति पत्र की जांच कर सकती है और यहां तक कि उनके पहचान पत्र पर मुद्रित क्यूआर कोड को स्कैन भी कर सकती है।
सजा का प्रावधान
इनकार करने पर सजा का है प्रावधान
दिल्ली में जनगणना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जनगणना में सभी को शामिल होना जरूरी है। अगर कोई इंकार करता है तो पहले उसे समझाने की कोशिश होगी। मगर बार-बार समझाने के बाद भी वह जनगणना में शामिल नहीं होता है तो सेंसस एक्ट-1948 के सेक्शन-11 में उसपर 1000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। उसके बाद अगर वह दोषी पाया जाता है इसमें तीन साल तक के सजा का प्रावधान भी है।
जनकल्याण की योजनाएं
अधिकारी ने बताया कि हाउसिंग सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किस क्षेत्र के लोग अभी तक बुनियादी सुविधाओं से दूर हैं। किस क्षेत्र में किन सुविधाओं की आवश्यकता है। इसके आधार पर सरकार द्वारा उन क्षेत्रों के लिए जनकल्याण की योजनाएं बनाई जाएंगी। अगर कहीं पानी नहीं है तो पानी पहुंचाया जाएगा, गैस नहीं है तो उसका कनेक्शन दिया जाएगा आदि। इसमें दी जाने वाली जानकारी के केवल आंकड़ों का इस्तेमाल होगा, किसी का नाम सार्वजनिक नहीं होगा।
1.34 लाख लोगों ने स्वयं हाउसिंग सर्वे का फॉर्म ऑनलाइन भरा है
50 हजार कर्मचारी 12 जिलों में घरों का सर्वे करेंगे
30 से 32 लाख घरों में किया जाएगा हाउसिंग सर्वे
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


