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नागालैंड में ‘एफएनटीए’ के लिए त्रिपक्षीय समझौता

नागालैंड में ‘एफएनटीए’ के लिए त्रिपक्षीय समझौता

संक्षेप:

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में, केंद्र सरकार, राज्य सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन (ईएनपीओ) के बीच फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) के गठन को लेकर समझौता हुआ। यह समझौता पूर्वी नागालैंड के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Feb 05, 2026 09:19 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। नागालैंड में फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) के गठन को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन (ईएनपीओ) ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में समझौते के बाद गृह मंत्री शाह ने कहा कि केंद्र पूर्वी नागालैंड के विकास के लिए हरसंभव मदद और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेगा। कहा कि एक-दो बातों को छोड़कर, सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि 2019 से अब तक पूर्वोत्तर में केंद्र सरकार 12 महत्वपूर्ण समझौते कर चुकी है।

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कहा, ‘यह मोदी सरकार की परंपरा है कि हम जिन समझौतों पर हस्ताक्षर करते हैं, उन्हें लागू करने के लिए पूरा प्रयास करते हैं।’ उन्होंने ईएनपीओ प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें नागालैंड और केंद्र सरकारों पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। एफएनटीए के लिए हर आवश्यक राशि जारी की जाएगी। शाह ने कहा कि एफएनटीए का शुरुआती खर्च केंद्रीय गृह मंत्रालय उठाएगा। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा कि यह समझौता आपसी विश्वास को दर्शाता है। इससे पूर्वी नागालैंड समेत पूरे राज्य की उम्मीदें पूरी होंगी और विकास को हर घर तक पहुंचाने का प्रयास साकार होगा। बता दें कि ईएनपीओ नागालैंड के छह पूर्वी जिलों (तुएनसांग, मोन, किफिरे, लॉन्गलेंग, नोकलाक और शमाटोर) की आठ मान्यता प्राप्त नगा जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाला शीर्ष संगठन है। ईएनपीओ 2010 से उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अलग राज्य की मांग कर रहा था। इस समझौते से इन जिलों के लिए अलग प्राधिकरण का गठन होगा। प्राधिकरण को 46 विषयों के संबंध में शक्तियों का हस्तांतरण किया जाएगा।