
हाईकोर्ट ने एनएचएआई की वैध भर्ती प्रक्रिया रोकी
हाईकोर्ट ने एनएचएआई द्वारा वकीलों की भर्ती के लिए सीएलएटी अंकों के आधार पर फैसले पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रक्रिया का कोई तर्क नहीं है और एनएचएआई यह सुनिश्चित नहीं कर रहा कि नियुक्ति पाने...
हाईकोर्ट ने गुरुवार को सीएलएटी अंकों के आधार पर वकीलों की भर्ती करने के एनएचएआई के फैसले पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रक्रिया के पीछे कोई तर्क नहीं है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ मामले से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में वकीलों की भर्ती के लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (सीएलएटी) पीजी परीक्षा अंकों को आधार बनाने वाली एनएचएआई की अधिसूचना को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए इस कदम पर रोक लगा दी। पीठ ने कहा कि एनएचएआई वास्तव में यह नहीं परख रहा कि नियुक्ति पाने वाला एक अच्छा कर्मचारी होगा या नहीं।

वहीं, एनएचएआई के वकील ने कहा कि प्राधिकरण अंकों की जांच करके उम्मीदवार की कानूनी समझ की परीक्षा ले रहा है। वकील ने कहा कि एकमात्र कारण यह है कि सीएलएटी के अंक समझने के लिए उचित मानदंड है। हालांकि, पीठ ने कहा कि अलग-अलग उद्देश्यों के लिए अलग-अलग कौशल की जरूरत होती है। पीठ ने कहा कि आप यह मापदंड तय नहीं कर सकते। पीठ ने कहा कि हम यह प्रावधान करते हैं कि फैसला सुनाए जाने तक, एनएचएआई अपने भर्ती विज्ञापन के अनुसरण में आगे कोई कार्रवाई नहीं करेगा।

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