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4 सप्ताह में निगम को दे पैसा ताकि शिक्षकों व कर्मचारियों को मिले समय से वेतन

उत्तरी व पूर्वी दिल्ली निगम के शिक्षकों-कर्मचारियों को हाईकोर्ट ने सोमवार को चार हफ्ते में वेतन देने का आदेश दिया। साथ ही दिल्ली सरकार को कहा कि वह चौथे वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार ही निगम को पैसे का भुगतान करें। गौरतलब है कि निगम के शिक्षक-कर्मचारी कई महीने से वेतन संकट का सामना कर रहे हैं।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि. शंकर की पीठ ने कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। पीठ ने दिल्ली सरकार की सभी दलीलों को सिरे से ठुकराते हुए कहा कि ‘हम (कोर्ट) कुछ नहीं सुनना चाहते। पहले आप दोनों निगमों को चौथे वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार पैसे दीजिए, ताकि शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन व पेंशन का पैसा दिया जा सके। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान वेतन संकट के कारण ईएमआई नहीं भरने से बैंक नोटिस के बाद दिल का दौड़ा पड़ने से एक शिक्षक खेमचंद की मौत का भी जिक्र किया।

शिक्षकों को इस हाल में नहीं छोड़ सकते : हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि आपकी सभी बातें सही हो सकती हैं, लेकिन शिक्षकों व कर्मचारियों को अपने हाल पर इस तरह नहीं छोड़ा जा सकता। हाईकोर्ट ने उत्तर-पूर्वी निगम को दिल्ली सरकार से पैसा मिलने के एक हफ्ते के भीतर शिक्षकों, सफाई व अन्य कर्मचारियों के वेतन और पूर्व कर्मचारियों को पेंशन के भुगतना करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश गैर सरकारी संगठन सोशल ज्यूरिस्ट और अन्य लोगों की याचिका पर दिया है। इन याचिकाओं में शिक्षकों व कर्मचारियों को समय से वेतन देने का आदेश देने की मांग की गई थी।

..लगता है कि आपकी मंशा में ही खोट है

हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार ने कहा कि उसने निगम को न सिर्फ तीसरे वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार पैसे दिए गए, बल्कि 1500 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज भी दिया है। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार से जानना चाहा कि जब आप अतिरिक्त कर्ज दे रहे हैं तो फिर चौथे वित्त आयोग के अनुसार पैसे क्यों नहीं दे रहे हो। पीठ ने कहा कि लगता है कि आपकी (सरकार) मंशा में ही खोट है। इसके जवाब में दिल्ली सरकार ने कहा कि चौथे वित्त आयोग की सिफारिशों को इसलिए लागू नहीं कर रहे हैं क्योंकि केंद्र सरकार ने अभी तक हमें पैसा नहीं दिया है। इस पर पीठ ने कहा कि आप इस बारे में केंद्र से बात कीजिए।

सरकार और निगम पूरा हिसाब लेकर आएं

हाईकोर्ट ने सरकार को पहले चौथे वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार उत्तरी व पूर्वी निगम को पैसा देने के बाद अपने पूरे हिसाब लेकर आने को कहा है। पीठ ने सरकार से कहा कि उसने अभी तक निगमों को कितने पैसे, किन-किन मद में दिए, इसका ब्यौरा पेश करे। साथ ही दोनों निगमों से कहा कि उनके हिसाब से सरकार के पास कितना पैसा बनता है, इसका ब्यौरा पेश करे। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि हिसाब में लगा कि निगमों को निर्धारित रकम से अधिक रुपये दिए गए हैं तो सरकार इसकी वसूली कर सकती है।

पिछले सप्ताह भी सरकार को लगी थी फटकार

उत्तरी-पूर्वी दिल्ली निगम के मौजूदा और पूर्व शिक्षकों को कई माह से वेतन व पेंशन नहीं देने के मसले पर हाईकोर्ट ने 11 अप्रैल को भी दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया था। हाईकोर्ट ने सरकार से कहा था कि ‘आप सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए हार्वर्ड व फिनलैंड का दौरा कराते हो तो निगम शिक्षकों को समय से वेतन क्यों नहीं मिलता। हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार त्वरित करे।

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