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मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी बच्चों को यूनिफार्म के बदले पैसे ही देगी सरकार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश के बावजूद दिल्ली सरकार अपने स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों को यूनिफार्म बनवाकर नहीं देगी। सरकार अब छात्रों को यूनिफार्म के बदले पैसे ही देगी। इसका खुलासा दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय की ओर से दाखिल याचिका से हुआ है।

शिक्षा निदेशालय की ओर से दाखिल इस याचिका में कहा गया है कि 9 सितंबर, 2017 को हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि सभी छात्रों को कॉपी-किताब, लेखन सामग्री के अलावा यूनिफार्म बनवाकर देगी। मुख्यमंत्री केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया था कि छात्रों को शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन यानी 1 अप्रैल को को कॉपी-किताब, लेखन सामग्री के अलावा यूनिफार्म मुहैया करा दिया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि इस बारे में बजट की बैठकों में चर्चा हुई और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विभाग को बताया है कि अब पुराने तरीकों पर अमल किया जाएगा। यानी छात्रों को यूनिफार्म के पैसे दिए जाएंगे।

दरअसल, वर्ष 2013 में गैर सरकारी संगठन जस्टिस फॉर आल की याचिका पर हाईकोर्ट ने सभी छात्रों को पैसे देने के बजाए यूनिफार्म बनवाकर देने का आदेश दिया था। इस आदेश के करीब 4 साल बीत जाने के बाद पिछले साल 1 सितंबर को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्ष में हुई बैठक इस मसले पर सरकार ने नीतिगत फैसला किया। इसके तहत सरकार ने यह निर्णय लिया था कि शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले दिन यानी पहली अप्रैल को जब बच्चे स्कूल आएं तो उन्हें कॉपी-किताब व अन्य लेखन सामग्री और यूनिफार्म का सेट मुहैया करा दिया जाए। सरकार अब तक स्कूली बच्चों को कॉपी-किताब व लेखन सामग्री मुहैया कराती थी जबकि यूनिफार्म के लिए नकद पैसे देती थी। बाद में सरकार ने अपने इस निर्णय से हाईकोर्ट को भी अवगत कराया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि कई अभिभावक पैसे मिलने पर उसे अन्य कामों के खर्च कर देते हैं और बच्चों को कपड़े नहीं मिला पाता है।

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