
अपडेट-1-मौसम पैकेज----शिमला में मकान ढहने और भूस्खलन से पांच की मौत
नोट--खबर में महत्वपूर्ण अपडेट है। कृपया इसी का इस्तेमाल करें शोल्डर--सरकार ने हिमाचल
शिमला/चंडीगढ़/जयपुर, संवाददाता/एजेंसी। हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि शिमला के जुंगा में एक मकान के जमींदोज होने से बाप-बेटी की मौत होने के साथ ही बढ़ाल गांव में एक युवती की भी मौत हो गई। इसके अलावा कोटखाई में मकान ढहने से एक बुजुर्ग महिला कलावती की जान चली गई। अधिकारियों ने कहा कि चौरास क्षेत्र में शीला देवी नामक महिला की मौत हो गई। बारिश और बाढ़ के कहर को देखते हुए हिमाचल प्रदेश को आपदा प्रभावित राज्य घोषित कर दिया गया है। प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की वजह से हो रहे नुकसान को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान इसका ऐलान किया। कहा कि सरकार अलर्ट मोड पर है और प्रभावितों को हरसंभव मदद मुहैया करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मानसून सीजन में अब तक 320 लोगों की जान जा चुकी है और तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति नष्ट हो चुकी है। शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन क्लास शुरू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। वहीं, प्रदेश में बाढ़, भूस्खलन के कारण 793 सड़कें बंद हैं। शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सोमवार शाम को स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्र, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कोचिंग सेंटर और नर्सिंग संस्थानों सहित सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया। आपदा राज्य घोषित करने के ये हैं लाभ आपदा राज्य घोषित होने के बाद सरकार विधायक निधि और सरकारी योजनाओं के बजट में कटौती कर आपदा प्रभावितों के राहत एवं पुनर्वास के लिए बजट जुटा सकेगी। वहीं, अन्य विभागों के घोषित बजट को भी सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों पर खर्च कर सकती है। आर्थिक संसाधन जुटाने के लिए सरकार नया सेस भी लगा सकेगी, जिससे सरकार को अतिरिक्त आय होगी। पहाड़ी खिसकने से राजमार्ग अवरुद्ध मानसर के पास एक विशाल पहाड़ी खिसकने के बाद चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। रेलवे के अनुसार, कालका से शिमला जाने वाली ट्रेन संख्या 52451, 52453 और 52459 और शिमला से कालका जाने वाली ट्रेन संख्या 52452, 52454 और 52460 रद्द कर दी गईं। हिमाचल में बारिश का कहर मौसम विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, इस अगस्त में हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। यह 1901 के बाद अगस्त में हुई नौवीं सबसे ज्यादा और 1949 के बाद सबसे ज्यादा बारिश हुई है। एक जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 39 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। पंजाब में शैक्षणिक संस्थान बंद पंजाब सरकार ने सोमवार को राज्य भर में लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक संस्थान तीन सितंबर तक बंद रखने की घोषणा की। छात्रावासों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन को दी गई है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिलों में हैं। सोमवार को पंजाब, हरियाणा के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिसमें लुधियाना में सबसे ज्यादा 216.70 मिमी बारिश दर्ज की गई। अबतक 29 लोगों की जान गई पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ ने अब तक 29 लोगों की जान ले ली है। सबसे ज्यादा मौत पठानकोट जिले में हुई है। इसके अलावा, बाढ़ से 2.56 लाख से ज्यादा लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। राजस्थान में मूसलाधार बारिश राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई। इससे अजमेर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। राज्य में सबसे ज्यादा 211 मिमी बारिश पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर के चामू इलाके में दर्ज की गई। इसी तरह, जोधपुर के सूर सागर, चोपासनी रोड, नेहरू पार्क और चांदपोल जैसे इलाकों में व्यापक जलभराव देखा गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। सेना ने पांच हजार लोगों को बचाया सेना ने सोमवार को बताया कि जम्मू, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित पांच हजार से ज्यादा नागरिकों को बचाया गया। साथ ही 21 टन राहत सामग्री प्रदान की गई। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान बाढ़ प्रभावित राज्यों में व्यापक मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान चला रही है।

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