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पर्चालीक: सीबीएसई उन तथ्यों को पेश करे जिसके आधार पर 10वीं के गणित का दोबारा परीक्षा नहीं कराने का लिया फैसला

हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को उन तथ्यों को पेश करने का निर्देश दिया है जिसके आधार पर 10वीं कक्षा के गणित की दोबारा परीक्षा नहीं कराने का फैसला लिया गया। हाईकोर्ट ने यह आदेश तब दिया, जब सीबीएसई ने कहा कि 10वीं कक्षा के गणित विषय का पर्चा लीक प्रभाव बहुत ही आंशिक रहा है। इसलिए छात्रों के हित में दोबारा परीक्षा नहीं कराने का निर्णय लिया गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायशधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी. हरि. शंकर की पीठ ने यह आदेश 10वीं कक्षा की छात्रा की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। याचिका में उन्होंने सीबीएसई को 10वीं कक्षा के गणित विषय की परीक्षा दोबारा कराने का आदेश देने की मांग की है। पीठ ने कहा कि हम उन तथ्यों को देखना चाहते हैं जिसके आधार पर आप (सीबीएसई) दावा कर रहे हैं की पर्चालीक का प्रभाव बहुत ही आंशिक रहा है। इसके लिए सीबीएसई को 20 अप्रैल तक का वक्त दिया है। उसी दिन मामले की सुनवाई होगी।

छात्रा ने याचिका दाखिल की है

पीठ ने यह आदेश जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल की छात्रा ऐश्वर्या नंदा की ओर से दाखिल याचिका पर दिया है। नंदा की की ओर से अधिवक्ता सौरभ सुमन सिन्हा ने हाईकोर्ट में सीबीएसई के तीन अप्रैल के आदेश को चुनौती दी है। सीबीएसई ने 3 अप्रैल को जारी आदेश में कहा था कि 10वीं कक्षा के गणित विषय की दोबारा से परीक्षा नहीं होगी। जबकि पर्चालीक होने की बात सामने आने पर सीबीएसई ने 28 मार्च को 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र और 10वीं कक्षा के गणित विषय की परीक्षा को रद्द कर दिया था। साथ ही कहा था कि दोबारा परीक्षा कब होगी, इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।

दोबारा पर्चा कराने का आदेश देने की मांग

याचिकाकर्ता नंदा ने पीठ को बताया कि 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र और 10 वीं कक्षा के गणित विषय का पर्चालीक हुआ था। सीबीएसई सिर्फ 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा दोबारा आयोजित क्यों करवा रही है। उन्होंने कहा है कि सीबीएसई दिल्ली एनसीआर में 10वीं कक्षा के गणित विषय का दोबारा परीक्षा कराने का भी आदेश दिए जाएं।

परीक्षा नहीं कराना भेदभाव

याचिका में छात्रा ने 10वीं कक्षा के गणित विषय की दोबारा परीक्षा कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो यह लाखों छात्रों के साथा भेदभाव होगा। छात्रा की ओर से अधिवक्ता सिन्हा ने कहा कि 10वीं कक्षा के अंक बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि पर्चालीक हुआ, इस बात को सीबीएसई भी मान रही है। उन्होंने कहा कि चूंकि जिन छात्रों को पर्चा पहले मिल गया उन्हें अधिक अंक मिलेगा, ऐसे में यह उन छात्रों के लिए नुकसानदेह है जिन्हें पहले पर्चा नहीं मिला।

12वीं अर्थशास्त्र की दोबारा परीक्षा की तारीख बदलने की मांग खारिज

हाईकोर्ट ने उस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें पर्चालीक के बाद 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र विषय की दोबारा होने वाली परीक्षा की तारीखों में बदलाव करने की मांग की थी। अर्थशास्त्र विषय की 25 अप्रैल को दोबारा परीक्षा होगी। पीठ के समक्ष गैर सरकारी संगठन ‘सुनिए ने कहा कि 25 अप्रैल को कई प्रतियोगिता परीक्षा हैं। ऐसे में 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र विषय का दोबारा से हो रही परीक्षा की तारीखों में बदलाव किया जाए या फिर इसे वैकल्पिक बनाया जाए। अर्जी में कहा गया था कि जो छात्र यदि इसमें शामिल नहीं होना चाहते हैं उन्हें इसकी छूट हो। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने गैर सरकारी संगठन सोशल ज्यूरिस्ट की याचिका का भी निपटारा कर दिया। इसमें अदालत की निगरानी में पर्चालीक की जांच सहित कई मसले उठाए गए थे।

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