खामेनेई की मौत के बाद हसन खोमैनी चर्चाओं में

Mar 02, 2026 08:15 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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तेहरान, एजेंसी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद नए नेता की तलाश के बीच हसन खोमैनी का नाम चर्चाओं में है। हसन ‘इस्लामिक रिपब्

खामेनेई की मौत के बाद हसन खोमैनी चर्चाओं में

तेहरान, एजेंसी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद नए नेता की तलाश के बीच हसन खोमैनी का नाम चर्चाओं में है। हसन ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान’ के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के पोते हैं, जिनके निधन के बाद खामेनेई ने ईरान की सत्ता संभाली थी। खोमैनी देश की व्यवस्थाओं में सुधारवाद के पक्षधर रहे हैं। करीब 37 साल तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई की शनिवार को अमेरिका-इजरायल के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद देश में नए सर्वोच्च नेता को लेकर कई नामों पर अनुमान लगाए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इनमें एक अहम नाम हसन खोमैनी का है।

53 वर्षीय हसन ईरानी इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक रुहोल्ला खोमैनी के 15 पोते-पोतियों में सबसे अधिक सक्रिय और सार्वजनिक पहचान रखने वाले हैं। वह दक्षिणी तेहरान में अपने दादा के मकबरे की देखरेख करते हैं। सरकार में कभी काम नहीं करने के बावजूद ईरान की मौलवी व्यवस्था में हसन की अच्छी पकड़ बताई जाती है। सूत्रों का कहना है कि नए नेता की तलाश को लेकर मौलवियों की बातचीत में उनका नाम जोर-शोर से उठ रहा है। कट्टरपंथ का विरोध करते रहे हैं जानकारी के अनुसार खोमैनी की छवि एक सुधारवादी मौलवी की है। ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खातमी और हसन रूहानी से उनके करीबी रिश्ते हैं, जिन्होंने पश्चिम के साथ जुड़ाव की नीति अपनाई थी। सरकार के प्रति वफादारी के बाद भी हसन ने कई मौकों पर सुधार की मांग के साथ कट्टरपंथ का विरोध किया है। कब-कब किया सरकार का विरोध -2008 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स की कार्रवाइयों की आलोचना की -2015 में महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक स्वतंत्रता को लेकर आवाज उठाई -2021 में सुधारवादियों को चुनाव लड़ने से रोकने वाले ‘गार्डियन काउंसिल’ की आलोचना की -2022 में युवा महिला महसा अमीनी की मौत पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई -हसन अमीनी को ईरान की नैतिकता पुलिस ने ‘ड्रेस कोड’ तोड़ने के आरोप में हिरासत में लिया था खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन पर ऐतराज सुधारवादी होने पर भी खोमैनी ने कभी खामेनेई का विरोध नहीं किया। दिसंबर-जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को उन्होंने गलत करार दिया। प्रदर्शनकारियों को इजरायल के इशारे पर चलने वाला भी बताया। खामेनेई की मौत पर उन्होंने कहा, वह हमेशा ईरान के नायक रहेंगे। कहा कि ईरानी जनता अब फिर इमाम (रुहोल्ला खोमैनी) के रास्ते पर चलेंगे।

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