
एम्स शुल्कों में समानता लाए: स्वास्थ्य मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी एम्स से कहा है कि वे अपने इलाज के शुल्क में समानता लाएं। नई दिल्ली एम्स में इलाज के शुल्क सबसे कम हैं, जबकि अन्य नए एम्स में कम बजट के कारण अधिक शुल्क लिए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि फीस में अंतर कम किया जाए।
- नई दिल्ली स्थित एम्स में इलाज के शुल्क सबसे कम नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के सभी एम्स से कहा है कि वे अपने शुल्कों में यथासंभव समानता लाएं। दरअसल, नई दिल्ली समेत देशभर में चल रहे 19 एम्स में इलाज के अलग-अलग शुल्कों को लेकर सरकार को लंबे समय से शिकायतें मिल रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि हालांकि सभी एम्स अपने-अपने शुल्क निर्धारण के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन इसमें बहुत ज्यादा अंतर नहीं होना चाहिए। किसी एक इलाज के शुल्क में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है लेकिन बहुत ज्यादा अंतर नहीं होना चाहिए।
नई दिल्ली एम्स में इलाज के शुल्क सबसे कम हैं। हालांकि, इसकी वजह सरकार द्वारा उसे ज्यादा बजट दिया जाना भी है। जबकि ज्यादातर नए एम्स को कम बजट सरकार की तरफ से मिलता है, जिसकी भरपाई वहां मरीजों से शुल्क लेकर की जा रही है। नई दिल्ली एम्स को सरकार सालाना करीब 4 हजार करोड़ रुपये देती है जबकि बाकी एम्स के वार्षिक बजट 500-700 करोड़ के सालाना के बीच हैं। हालांकि नई दिल्ली के अलावा अन्य एम्स का सालाना बजट एक हजार करोड़ के करीब होता है। ऐसे में सभी एम्स अपनी जरूरत के हिसाब से शुल्कों का निर्धारण कर रहे हैं। नई दिल्ली एम्स ने 300 रुपये से कम की जांचों का शुल्क बंद कर दिया है जबकि अन्य एम्स में ऐसे शुल्क अभी भी लिए जा रहे हैं। इसी प्रकार बड़े ऑपरेशन और जांचों के शुल्क भी अलग-अलग लिए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि इसमें यथासंभव समानता लाई जाए।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




