सड़क गुणवत्ता में आएगा सुधार, ठेका कर्मियों को प्रशिक्षण अनिवार्य
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग इंजीनियरों और कॉन्ट्रैक्टर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य किया है। नियमों का पालन करने वाली कंपनियों को टेंडर मूल्यांकन में प्राथमिकता मिलेगी। मंत्रालय ने 21 नवंबर को सर्कुलर जारी किया, जिसमें इंजीनियरों के लिए अलग-अलग कोर्स निर्धारित किए गए हैं।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे इंजीनियरों और कॉन्ट्रैक्टर्स-कंसेशिनियर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन करने वाली कंपनियों को टेंडर मूल्यांकन में अधिक प्राथमिकता दी जाएगी। भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (आईएएचई) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नेशनल हाईवे परियोजनाओं पर काम करने वाली निजी एजेंसियों, कॉन्ट्रैक्टर्स और कंसल्टेंट्स के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। अब इंजीनियरों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने इस संबंध में 21 नवंबर को सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि हाइवे परियोजनाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी पेशेवरों का कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने विभिन्न प्रकार के कार्यों से जुड़े इंजीनियरों के लिए अलग-अलग कोर्स अनिवार्य किए हैं। ये कोर्स अनिवार्य किए -क्वालिटी कंट्रोल इंजीनियरों को आईएएचई या सीआरआरआई द्वारा संचालित ‘मटेरियल टेस्टिंग’ का 16 दिवसीय कोर्स करना होगा। -ब्रिज इंजीनियरों को पुलों के गिरने और विफलता पर आधारित आवासीय प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। -हाईवे सुरक्षा जांचने वाले रोड सेफ्टी ऑडिटर्स के पास रोड सेफ्टी ऑडिट का प्रमाणपत्र होना जरूरी है। -निजी एजेंसियों के अन्य सभी प्रमुख कर्मचारियों को पिछले दो वर्षों में कम से कम एक प्रशिक्षण कोर्स पूरा करना अनिवार्य किया गया है।
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