
ई-कॉमर्स के अस्थायी कर्मी भी एनपीएस में शामिल हो सकेंगे
संक्षेप: सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और गिग वर्कर्स के लिए 'एनपीएस ई-श्रमिक योजना' शुरू की है। इस योजना के तहत पेंशन कवरेज मिलेगा, जिससे 10 करोड़ से अधिक कामगार लाभान्वित होंगे। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक आवेदन कर सकते हैं। न्यूनतम योगदान 99 रुपये प्रति माह है।
नई दिल्ली, एजेंसी। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और ऐप आधारित मंचों से जुड़े कामगारों (गिग वर्कर) को भी एनपीएस के तहत पेंशन सुरक्षा मिलेगी। इसके लिए सरकार ने ‘एनपीएस ई-श्रमिक योजना’ की शुरुआत की है। जो कामगार ई-श्रम पोर्टल पर पहले से पंजीकृत हैं, वे सीधे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। पेंशन नियामक संस्था पीएफआडीए के अनुसार, इस योजना का मकसद उन श्रमिकों को पेंशन कवरेज देना है, जो किसी कंपनी के स्थायी कर्मचारी नहीं हैं, लेकिन रोज़गार के लिए प्लेटफॉर्म सेवाओं के माध्यम से काम करते हैं। अभी तक ऐसे ‘गिग वर्कर’ के लिए कोई तय पेंशन व्यवस्था नहीं थी।

अब एनपीएस ई-श्रमिक मॉडल से उन्हें भी नियमित पेंशन का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य अगले एक साल में 10 करोड़ से अधिक गिग और असंगठित वर्करों को इस योजना से जोड़ने का है। इनके लिए योजना इस पेंशन योजना में सभी गिग वर्कर यानी ऐप आधारित मंचों पर काम करने वाले डिलीवरी बॉय, ड्राइवर, ट्यूटर या फ्रीलांसर आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निशुल्क है और सालाना शुल्क केवल 15 रुपये रखा गया है। इस योजना में 18 से 60 वर्ष की आयु तक के लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे होगा पंजीकरण यह सुविधा उन श्रमिकों और कामगारों के लिए खुली है, जो पहले से ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं। वे सीधे पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वहीं, जिन श्रमिकों का पंजीकरण अब तक नहीं हुआ है, पहले उन्हें ई-श्रम कार्ड बनवाना होगा। कितना योगदान न्यूनतम योगदान 99 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया है, जबकि सामान्य एनपीएस योजना में यह 500 रुपये होता है। ऐसे होगा योगदान योजना के तहत तीन तरीके से योगदान किया जा सकता है। पहला, संयुक्त ज्वाइंट योगदान, जिसमें कंपनी और कर्मचारी दोनों मिलकर योगदान करेंगे। दूसरा विकल्प में केवल कर्मचारी को ही योगदान करना होगा।। तीसरे विकल्प में केवल कंपनी ही योगदान कर सकती है। ऐसे करें आवेदन - सबसे पहले वेबसाइट (www.eshram.gov.in) पर जाएं। - अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड से लॉगिन करें। - NPS for Unorganised Workers सेक्शन पर क्लिक करें। - PRAN नंबर बनवाने के लिए नाम, पता, पैन नंबर और बैंक खाता आदि जानकारी भरनी होगी। - उसके बाद आपको महीने में जमा करने की राशि भरनी होगी। - अब सबमिट करने के बाद आपका PRAN नंबर बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। - लास्ट में कंर्फमेशन मैसेज आएगा, जिसमें ये डिटेल्स होंगी. नॉमिनी जोड़ना अनिवार्य बता दें कि इस योजना में शामिल वर्कर को 60 वर्ष की उम्र के बाद नियमित मासिक पेंशन मिलेगी। यदि बीच में कोई अप्रत्याशित स्थिति आती है, तो नॉमिनी को रकम का लाभ दिया जाएगा। नॉमिनी की विवरण देने के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। कौन होते हैं गिग वर्कर ऑनलाइन ऐप या ई-कॉमर्स कंपनी से जुड़कर कैब चालक, डिलीवरी बॉय या इसी तरह का अन्य काम करने वाले कर्मचारियों को गिग वर्कर कहा जाता है। ये पूरी तरह अस्थायी होते हैं। वर्तमान में इनकी संख्या एक करोड़ से अधिक है, जिसके वर्ष 2029-30 तक बढ़कर 2.35 करोड़ के आसपास होने की संभावना है। क्या है एनपीएस राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) केंद्र सरकार द्वारा द्वारा संचालित एक सेवानिवृत्ति योजना है। इसमें हर महीने एक तय राशि जमा करने पर 60 साल की उम्र के बाद पेंशन दी जाती है। एनपीएस को जनवरी 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया था। वर्ष 2009 में इसे निजी क्षेत्र और आम नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया था। अब इसे गिग वर्करों के लिए भी शुरू किया गया है। योजना में जमा रकम को निवेश करने का जिम्मा पीएफआरडीए की ओर से पंजीकृत पेंशन फंड मैनेजर्स को दिया जाता है। ये रकम को इक्विटी, सरकारी बॉन्ड, बॉन्ड और नॉन गवर्नमेंट और निश्चित आय वाली योजनाओं में करते हैं।

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