
ब्यूरो::: हाइवे किनारे टेलीकॉम तारों को बिछाने का शुल्क माफ
संक्षेप: - सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने जारी किए दिशा निर्देश - आरओडब्ल्यू मंजूरी
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। केंद्र सरकार ने देश की सभी ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने की महत्वाकांक्षी भारतनेट परियोजना को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) व टेलीकॉम तारों को बिछाना नि:शुल्क कर दिया है। साथ ही इसकी मंजूरी प्रक्रिया की समय सीमा भी तय कर दी है, जिससे परियोजना अनावश्यक लेटलतीफी का शिकार नहीं हो। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय एजेंसियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं। दावा है कि इससे सड़कों के किनारे फाइबर बिछाने के लिए लगने वाले समय और लागत दोनों में कमी आएगी। यह पहल सीधे तौर पर देश के सभी 6.4 लाख गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी।

सात दिन के अंदर पास करे मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने ओएफसी बिछाने के साथ-साथ परफॉर्मेंस बैंक गारंटी की आवश्यकता को माफ कर दिया है। अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने उक्त परियोजनाओं के लिए राइट आफ वे (आरओडब्ल्यू) मंजूरियों को प्राथमिकता के आधार पर 7 दिनों के भीतर पास करने को कहा है। हालांकि, राजमार्ग संपत्ति की अनुचित बहाली जैसे गड्ढे भरना या अन्य भूमिगत ढांचे को नुकसान होने पर जुर्माना लगाया जाएगा। क्या है भारतनेट परियोजना विदित हो कि भारतनेट परियोजना का उद्देश्य देश की लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को न्यूनतम 100 एमबीपीएस की ब्रॉडबैंड स्पीड प्रदान करना है। ग्रामीण भारत में इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। ई-गवर्नेंस से नागरिकों को जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जैसी सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी, जिससे सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत खत्म होगी। ई-स्वास्थ्य से टेलीमेडिसिन के जरिये ग्रामीण मरीज बड़े शहरों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 तक भारतनेट के तहत 2,14,325 ग्राम पंचायतें जुड़ी हुई हैं और 6,93,303 किलोमीटर से अधिक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है।

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