खाड़ी देशों के छात्रों के परिणाम जारी करने के लिए नीति बना रही है सरकार- केंद्र

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के चलते सीबीएसई द्वारा परिणाम घोषित न किए जाने पर राहत देने के लिए नीति लाने पर विचार कर रही है। एक छात्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान बताया गया कि उतीर्ण छात्रों की उच्च शिक्षा की संभावनाएँ प्रभावित हुई हैं।

खाड़ी देशों के छात्रों के परिणाम जारी करने के लिए नीति बना रही है सरकार- केंद्र

नई दिल्ली। विशेष संवाददाता केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बतायाा कि खाड़ी देशों के उन निजी छात्रों को राहत देने के लिए एक नीति लाने पर विचार कर रही है जिनके परीक्षा परिणाम क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण सीबीएसई द्वारा घोषित नहीं किए जा सके हैं। केंद्र सरकार ने अरब देश में रहने वाले एक छात्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत को यह जानकारी दी है, जिसमें उसने युद्ध से प्रभावित खाड़ी देशों में रहने वाले 12वीं कक्षा के छात्रों का परिणाम घोषित करने की मांग की है। निजी छात्र, वे होते हैं जो किसी नियमित स्कूल के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे परीक्षा बोर्ड में पंजीकरण कराकर परीक्षा देते हैं।

याचिका का विवरण

जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और विजय बिश्नोई की पीठ के समक्ष केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार इस संबंध में जल्द ही निर्णय लेने पर विचार कर रही है। उन्होंने पीठ से कहा कि ‘यह एक व्यापक मुद्दा है। सरकार इस तरह की स्थिति वाले छात्रों के लिए एक नीति तैयार करने पर विचार कर रही है।’ इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 22 जून तक स्थगित कर दी।

छात्र की याचिका

सऊदी अरब में रहने वाले छात्र प्रांशु जिगरकुमार पटेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीएसई को उसके 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में सुधार के बाद के परिणाम की घोषणा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। याचिका में कहा गया है कि खाड़ी देशों में युद्ध के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति के कारण परीक्षाएं रद्द होने पर छात्रों के लिए एक विशेष मूल्यांकन योजना बनाई गई थी। इसके बावजूद, अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया गया है। याचिका में कहा गया है कि परिणाम घोषित नहीं होने के चलते याचिकाकर्ता सहित कई अन्य छात्र उच्च शिक्षा की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं और वह विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के अवसरों से वंचित हो गए हैं। याचिका के अनुसार, पटेल ने 2026 की सीबीएसई की 12वीं कक्षा की सुधार परीक्षा में सऊदी अरब के अल जुबैल केंद्र से भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस विषयों में निजी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई पर सीबीएसई को परिणाम घोषित करने के बारे में समुचित कदम उठाने के आदेश दिए थे।

नोट्स और प्रश्न

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को क्या बताया?
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि खाड़ी देशों के उन निजी छात्रों को राहत देने के लिए एक नीति लाने पर विचार कर रही है जिनके परीक्षा परिणाम क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण सीबीएसई द्वारा घोषित नहीं किए जा सके हैं।
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